ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा में सड़क सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में आ गई है जब सेक्टर‑71 अंडरपास के पास एक लग्जरी स्कोडा कार तेज़ रफ्तार में अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। यह हादसा बुधवार की देर रात करीब 1 बजे के आसपास हुआ, जब कार ग्रेटर नोएडा की ओर जा रही थी। अचानक कार का नियंत्रण बिगड़ा और वह सामने स्थित डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पलट गई, जिससे यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।
हादसे में 1 युवती की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल
पुलिस और बचाव दल के बयान के अनुसार, कार में तीन लोग सवार थे, जो दिल्ली में एक निजी बैंक में काम करते थे और किसी व्यक्तिगत काम से रात में यात्रा पर थे। हादसे में 31 वर्षीय गुल्फिशा (बरेली) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों घायलों ‑ मुर्तज़ा अब्बास (दिल्ली‑जामिया नगर) और अनुष्का चौधरी (मथुरा‑धौली प्याऊ) ‑ को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया।
पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और उसके बाद परिजनों को सौंप दिया। घायलों का इलाज जारी है और उन्हें ICU में विशेष देखभाल मिल रही है।
कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक वजहें और जांच
प्रारंभिक पुलिस जांच में सबसे बड़ा कारण तेज़ रफ्तार का स्वीकारा जा रहा है। गवाहों और现场 से मिले साक्ष्यों से पता चला कि कार की रफ्तार अधिक थी और अंधेरे में नियंत्रण खोने के कारण यह डिवाइडर से टकराई। हालांकि पुलिस दुर्घटना के अन्य संभावित कारणों जैसे सड़क की हालत, वाहन की तकनीकी स्थिति या चालक के थकान/नशे की स्थिति की भी जांच कर रही है।
कार के टक्कर के बाद डिवाइडर के पास मौजूद सुरक्षा बाड़ तक टूट गई और कार कई मीटर दूर पलटकर गिर गई। इस भीषण टक्कर की वजह से कार का फ्रेम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बचाव दल की त्वरित प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही फेज‑3 थाना पुलिस और अस्पताल एम्बुलेंस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने घायलों को तुरंत बाहर निकाला और प्राथमिक चिकित्सा के बाद उन्हें निकटतम अस्पताल भेजा। बाद में गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया।
सुरक्षा कैमरों और आसपास के लोगों के बयान से पुलिस ने हादसे के समय की स्थिति को भी समझने की कोशिश की। कई स्थानीय लोगों ने बताया कि अंडरपास के पास रोशनी कम होती है और वहाँ सड़क का डिजाइन भी चालकों को सावधान रहने के लिए संकेत नहीं देता, जिससे तेज़ रफ्तार हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
सेक्टर‑71 अंडरपास: सड़क की स्थिति और संभावित खतरे
नोएडा में सेक्टर‑71 अंडरपास को रोज़ाना कई वाहन उपयोग करते हैं। यह न सिर्फ़ ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, बल्कि कई लोग इससे काम या रिश्तेदारों से मिलने के लिए गुजरते हैं। लेकिन कुछ समय से अंडरपास की सड़क पर हिचकोले और असमान सतह की शिकायतें भी होती रही हैं, जो वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ा देती हैं।
स्थानीय लोगों ने अंडरपास की सतह की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि कुछ हिस्सों पर गड्ढे और असमान पैच हैं। बारिश या अँधेरी रात में ऐसे रास्तों पर वाहन नियंत्रित रखना कठिन हो जाता है। इस वजह से वे बार‑बार प्रशासन से सड़क सुधारने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
क्या सड़क डिजाइन भी कारण हो सकता है?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सड़क का डिजाइन बेहतर और सड़क की सतह सुचारू होती, तो यह हादसा नहीं होता। अक्सर अंडरपास के पास तेज़ चलने वाले वाहन चालक सड़क की खामियों को जल्दी पहचान नहीं पाते, खासकर रात में जब रोशनी कम होती है। वहाँ के डिवाइडर की दूरी भी सीमित और सड़क की दिक्कतें तेज़ वाहन से गुजरने वालों के लिए जोखिम बन सकती हैं।
इस तरह के डिजाइन और सुरक्षा‑सम्बंधित कारणों पर प्रशासन को जल्द ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे कम हों।
पड़ोसी और परिवार की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद स्थानीय लोग और मृतक की परिवार वाले बहुत दुखी हैं। गुल्फिशा की मौत ने उसके परिवार पर गहरा सदमा छोड़ा है। परिवार वाले बताते हैं कि वह हमेशा सुरक्षित ड्राइविंग पर विश्वास करती थी, लेकिन अचानक हादसे में उसने अपनी जान खो दी।
घायल युवकों के परिजन भी अस्पताल के बाहर इंतज़ार करते रहे और बेटी/बहन की हालत को लेकर चिंतित हैं। दोनों की हालत अब धीरे‑धीरे सुधार की ओर है, लेकिन परिवार का दुःख अभी भी कायम है।
रोड सेफ्टी जागरूकता: क्यों ज़रूरी?
यह हादसा यह दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा सिर्फ़ नियमों का पालन करने से नहीं बल्कि सड़कों की गुणवत्ता, सुरक्षा संकेतों, और ड्राइविंग आदतों को बदलकर भी सुनिश्चित हो सकती है। तेज़ गाड़ी चलाना, अंधेरी रात को सावधानी न बरतना और सड़क की स्थितियों को नजरअंदाज़ करना अक्सर जीवन‑घातक साबित होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ रफ्तार और सड़क की समस्या दोनों मिलकर हादसों की वजह बनते हैं। इसलिए नागरिकों को चाहिए कि वे स्पीड लिमिट का पालन करें, रात में रोशनी वाले और सुरक्षित मार्ग चुनें, ताकि वे सुरक्षित यात्रा कर सकें।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
अब मामले की जांच थाना फेज‑3 पुलिस कर रही है और दुर्घटना के अंतिम कारणों का पता लगाने के लिए वाहन की तकनीकी जांच भी की जा रही है। पुलिस चालक की ड्राइविंग रिकॉर्डिंग और कॉल डेटा की भी जांच कर सकती है।
अगर पुलिस को पता चलता है कि कोई लापरवाही, ड्राइविंग नियमों का उल्लंघन, या शराब/नशा कारण था, तो उस आधार पर आरोपी चालक या उसके रिश्तेदारों पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।
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