ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने अपने तीन प्रस्तावित मेट्रो रूट के डिटेल्ड डिजाइन ड्राइंग (Detailed Design Drawing) का काम अगले 15 दिनों में शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए सलाहकार कंपनी आयशा का चयन किया गया है। कंपनी के दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद काम अवार्ड किया जाएगा।
तीनों प्रस्तावित रूट और उनकी लंबाई
तीनों रूट की कुल लंबाई 31.595 किलोमीटर है। ये रूट हैं:
1. सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 – यह सबसे लंबा रूट है जिसकी लंबाई 17.345 किलोमीटर है। इस रूट पर 11 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसकी फाइल केंद्र सरकार के पास है।
2. सेक्टर-142 से बॉटैनिकल गार्डन – यह रूट 11.56 किलोमीटर लंबा है और इसमें 8 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके लिए जल्द ही सहमति पत्र आने की संभावना है।
3. ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी – यह सबसे छोटा रूट है जिसकी लंबाई 2.6 किलोमीटर है। इसमें 2 स्टेशन बनाए जाएंगे। केंद्र से इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है और स्वायल टेस्टिंग की रिपोर्ट डीडीसी को सौंपी जाएगी।
डिटेल्ड डिजाइन का कार्य और लागत
एनएमआरसी कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने बताया कि डीडीसी कंपनी सिविल डिजाइन, लागत, विद्युत यांत्रिक और ट्रैक सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट एनएमआरसी को उपलब्ध कराएगी।
इस काम के लिए नोएडा मेट्रो करीब 24.21 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। सलाहकार कंपनी 5 साल तक इन तीनों रूट पर काम करेगी।
सर्वे और पिलर की योजना
सेक्टर-142 से बॉटैनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रूट के लिए टोपोग्राफिक सर्वे पूरा हो चुका है। इस रिपोर्ट को डिटेल डिजाइन में शामिल किया जाएगा। सर्वे की जानकारी के आधार पर तय किया जाएगा कि कहाँ-कहाँ पिलर बनाए जाएंगे। डीडीसी के नियुक्ति के लिए प्री-बिड बैठक भी हो चुकी है, जिसमें कंपनियों ने अपने सुझाव दिए थे।
सोलर पैनल से ऊर्जा उत्पादन
तीनों रूट पर प्रस्तावित सभी स्टेशन पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। स्टेशन का सारा बिजली का काम सोलर पैनल से उत्पन्न ऊर्जा से किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा की बचत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नोएडा मेट्रो की यह योजना शहर के यातायात नेटवर्क को और मजबूत करेगी। तीन नए रूट से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सुलभ और तेज़ यात्रा संभव होगी। सोलर पैनल और ऊर्जा बचत के प्रयास इसे सस्टेनेबल मेट्रो प्रोजेक्ट के रूप में उभारेंगे।
डिटेल्ड डिजाइन के पूरा होने के बाद रूट और स्टेशनों की सटीक योजना तैयार होगी और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह परियोजना न केवल यातायात सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि शहरी विकास और स्मार्ट सिटी पहल में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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