ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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देश में बंगाल, असम समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक आगामी असम विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने असम में चुनावी रैलियों को संबोधित कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे 1, 3 और 6 अप्रैल को असम में तीन बड़े चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
अमित शाह और केंद्रीय नेताओं की चुनावी गतिविधियाँ
PM मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी असम में कई चुनावी कार्यक्रमों और रैलियों में हिस्सा ले सकते हैं। उनके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी पार्टी की चुनावी तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा ने अपने सहयोगी दलों असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के साथ सीटों का वितरण कर लिया है। AGP 26 सीटों पर और BPF 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
असम चुनाव: सीटों का वितरण और मुकाबला
असम विधानसभा की कुल 126 सीटों के लिए चुनाव होंगे। BJP अपने 89 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की योजना बना रही है। मौजूदा BJP सरकार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश करेगी। वहीं, कांग्रेस पार्टी सत्ता में वापसी के लिए BJP और उसके सहयोगी दलों को चुनौती देगी।
चुनाव आयोग ने सभी 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही मतगणना 4 मई को होगी। चुनावी प्रक्रिया से पहले पार्टी ने अपने रणनीतिक बोर्ड की बैठक में उम्मीदवारों और गठबंधन सहयोगियों पर अंतिम निर्णय लिया है।
चुनावी रैलियों और रणनीति का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी और अमित शाह की रैलियां BJP के लिए वोट बैंक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। असम में चुनावी रैलियों का असर मतदाताओं की राय और चुनावी परिणाम पर सीधे पड़ेगा। बीजेपी के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा कि वे सीटों का सही इस्तेमाल, चुनावी संदेश और स्थानीय मुद्दों को संतुलित करके सत्ता में लौटें।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है। पीएम मोदी और अमित शाह की चुनावी रैलियों के साथ ही उम्मीदवारों का चयन और सहयोगी दलों का समर्थन BJP की चुनावी ताकत को बढ़ाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में BJP सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस पार्टी भी अपनी पूरी ताकत झोंककर सत्ता में लौटने का प्रयास करेगी।
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