ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बिहार में हाल के एक चर्चित आपराधिक मामले के बाद छोटू यादव का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया. BJP नेता के बहनोई और भांजे पर हुए हमले के बाद पुलिस जांच में उसका नाम सामने आया और फिर मामला मुठभेड़ तक पहुंच गया.
पुलिस के मुताबिक छोटू यादव हुसैनगंज थाना क्षेत्र के हथौड़ा गांव का रहने वाला था और उसकी पहचान एक पेशेवर अपराधी के रूप में थी.
रिपोर्ट के अनुसार वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका था. पुलिस ने बताया कि वह हाल ही में छपरा जेल से जमानत पर बाहर आया था और बाहर आने के बाद फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया.
यही वजह है कि घटना के बाद पुलिस ने उसके पुराने रिकॉर्ड को भी
खंगालना शुरू किया.
हत्या और हमले का मामला
बताया
गया कि BJP नेता मनोज सिंह के
बहनोई और भांजे पर हुए हमले में छोटू यादव की भूमिका सामने आई. जांच के दौरान
पुलिस को CCTV फुटेज मिले, जिनके आधार
पर आरोपी की पहचान की गई.
यह घटना इसलिए ज्यादा गंभीर मानी जा रही है क्योंकि फायरिंग में
हर्ष नाम के युवक की मौत हो गई, जबकि चंदन सिंह गंभीर रूप से
घायल हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इस पूरे मामले के बाद इलाके में तनाव और डर का माहौल भी बना. सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो और दावे तेजी से फैलने लगे, जिससे पुलिस पर जल्दी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मामले का एक वीडियो वायरल हुआ,
जिसमें आरोपी खुलेआम गोली चलाते हुए दिखाई देता है.
पुलिस एनकाउंटर कैसे हुआ
जब पुलिस
टीम आरोपी को पकड़ने पहुंची, तब छोटू यादव ने कथित तौर पर पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद
जवाबी कार्रवाई हुई, जिसमें वह घायल हो गया.
घायल हालत में उसे पहले सदर अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर
इलाज के लिए पटना रेफर किया गया.
पुलिस अब
इस पूरे मामले में केवल शूटआउट की परिस्थितियों की ही नहीं, बल्कि आरोपी के आपराधिक
नेटवर्क और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है.
इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था और बेल पर बाहर आने वाले आदतन
अपराधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उपलब्ध
रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी की पहचान CCTV फुटेज के आधार पर हुई और
गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ की नौबत आई.
फिलहाल पुलिस पूरे केस की तह तक जाने, हमले की
साजिश और आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच में जुटी है
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