ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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संसद परिसर के बाहर भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। कंगना रनौत ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें देखकर महिलाओं को असहज महसूस होता है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है।
कंगना रनौत का विवादित बयान
कंगना ने कहा कि राहुल गांधी का व्यवहार ठीक नहीं है और वे “टपोरी” की तरह व्यवहार करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल इंटरव्यू दे रहे लोगों को परेशान करते हैं और बातचीत में अनुचित भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से सीख लेनी चाहिए, जिनका व्यवहार बेहतर है।
चाय-नाश्ता विवाद से जुड़ा मामला
यह बयान उस विवाद के बाद आया है, जब 12 मार्च को राहुल गांधी ने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के साथ चाय-नाश्ता किया था। यह प्रदर्शन LPG से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया था। इस घटना के बाद 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, 116 पूर्व सैनिकों और 4 वकीलों ने एक ओपन लेटर लिखकर राहुल गांधी से माफी की मांग की थी। उनका कहना था कि इस तरह का व्यवहार संसद की गरिमा के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं का पलटवार
कंगना रनौत के बयान पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने कहा कि कंगना की बातें उनके चरित्र को दर्शाती हैं और सिर्फ सेलिब्रिटी होने से कोई अच्छा इंसान नहीं बन जाता।
वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस बयान को गलत बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के साथ लंबे समय तक काम किया है और महिलाओं के प्रति उनके सम्मान को करीब से देखा है।
‘संसद स्टूडियो नहीं है’—अमरिंदर सिंह
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने भी कंगना पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कंगना को लगता है कि संसद कोई फिल्म स्टूडियो है, जहां लोग अभिनय करने आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी को “टपोरी” कहना पूरी तरह गलत और अनुचित है।
देवगौड़ा और अमित शाह की भी प्रतिक्रिया
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने भी राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संसदीय मर्यादा बनाए रखने की बात कही। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी के चाय-नाश्ता करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले में साफ देखा जा सकता है कि एक बयान ने किस तरह सियासी बहस को तेज कर दिया है। जहां बीजेपी राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस कंगना रनौत के बयान को असंवेदनशील और अनुचित बता रही है। कंगना रनौत के बयान ने एक बार फिर राजनीति में बयानबाजी के स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस विवाद ने संसद की गरिमा, राजनीतिक मर्यादा और नेताओं के आचरण पर नई बहस शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद आगे और कितना तूल पकड़ता है और क्या इससे राजनीतिक समीकरणों पर कोई असर पड़ता है।
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