ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिकी टेक दिग्गज Google ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़े निवेश का ऐलान किया है। कंपनी के सीईओ Sundar Pichai और Google DeepMind के सीईओ Demis Hassabis ने घोषणा की कि अगले पांच सालों में भारत में करीब 15 बिलियन डॉलर (लगभग 1,360 अरब रुपये) का निवेश किया जाएगा।
AI इम्पैक्ट समिट को लेकर सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत AI के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और गूगल इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहता है।
क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी साझेदारी
गूगल ने 800 जिलों में दो करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की साझेदारी की भी घोषणा की है। इससे सरकारी कामकाज में डिजिटल क्षमता बढ़ेगी और सेवाओं को और तेज व पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
इसके साथ ही रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 30 मिलियन डॉलर के ‘AI for Science Impact Challenge’ की शुरुआत की गई है। यह पहल वैज्ञानिक खोजों और रिसर्च में AI के इस्तेमाल को मजबूती देगी।
विशाखापत्तनम बनेगा मेगा AI हब
गूगल का यह निवेश भारत के पहले बड़े AI हब को तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर होगा।
सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत में ऐसा डिजिटल बदलाव हो रहा है, जिससे अगला वैश्विक AI दिग्गज यहीं से निकल सकता है। भारत की विविधता और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इसे इनोवेशन के लिए एक शक्तिशाली मंच बनाता है।
https://x.com/sundarpichai/status/2024089988221309140?s=20
भारत-अमेरिका AI कनेक्टिविटी मजबूत
गूगल ने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ का भी उद्घाटन किया। यह समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल रूट की एक सीरीज है, जो भारत और अमेरिका के बीच AI कनेक्टिविटी को तेज करेगी। इस कदम से डेटा ट्रांसफर की स्पीड बढ़ेगी और दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
छात्रों और युवाओं के लिए नई पहल
गूगल ने ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ के साथ मिलकर 10,000 स्कूलों के 1.1 करोड़ छात्रों को जनरेटिव AI, रोबोटिक्स और कोडिंग की ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है। साथ ही छात्रों और शुरुआती करियर वाले पेशेवरों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में ‘Google AI Professional Certificate Program’ भी शुरू किया गया है। इससे युवाओं को नई तकनीकी स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बहुभाषी तकनीक और नई सेवाएं
गूगल ने 70 से अधिक भाषाओं के लिए लाइव स्पीच-टू-स्पीच ट्रांसलेशन जैसी उन्नत सेवाओं की भी घोषणा की है। यह सुविधा भाषा की बाधा को कम करेगी और डिजिटल पहुंच को और व्यापक बनाएगी।
कुल मिलाकर, गूगल का यह 15 बिलियन डॉलर का निवेश भारत को AI क्षेत्र में वैश्विक ताकत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ टेक सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि शिक्षा, रिसर्च और सरकारी सेवाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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