ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे सो रहे थे। मलबे में दबने से छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
देर रात हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक यह हादसा 28 और 29 मई की रात करीब 2 बजे हुआ। उस समय इलाके में तेज तूफान और खराब मौसम बना हुआ था। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। स्लैब के नीचे मजदूर सो रहे थे, जो हादसे का शिकार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंच गई। रातभर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
सीएम योगी ने लिया तुरंत संज्ञान
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता देने की बात कही। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की।
एसडीआरएफ और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हमीरपुर के एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। राहत कार्य में एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद तीन मजदूर पुल के खंभों पर फंसे हुए थे, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास किए गए। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली गई।
बांदा और हमीरपुर के थे मजदूर
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में बांदा और हमीरपुर जिले के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने अब तक पांच मृतकों की पहचान कर ली है। अधिकारियों की ओर से मृतकों के परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पुल क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस पुल के निर्माण के लिए राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने प्रयास किए थे।
हादसे के बाद उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर निर्माणाधीन पुल का स्लैब इतनी आसानी से कैसे गिर गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल इलाके में राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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