ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
वसंत विहार में हाई-प्रोफाइल मौत
दिल्ली के वसंत विहार इलाके में ‘कमला पसंद’ गुटखा ब्रांड के मालिक कमल किशोर की बहू दीप्ति चौरसिया की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दीप्ति ने घर में ही सुसाइड किया, जिसके बाद उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
यह मामला हाई-प्रोफाइल फैमिली से जुड़ा होने की वजह से मीडिया और जनता के बीच तेजी से चर्चा में आ गया है। परिवार, पुलिस और वकील – तीनों तरफ से अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, जिससे कई तरह की शंकाएं जन्म ले रही हैं।
भाई के गंभीर आरोप: मारपीट और अफेयर की बातें
मृतक दीप्ति चौरसिया के भाई ऋषभ ने मीडिया से बात करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दीप्ति की सास और पति उसे मारते-पीटते थे और उसके पति के किसी और महिला के साथ अफेयर थे।
भाई का कहना है कि जब परिवार को पति के अफेयर की जानकारी मिली तो वे दीप्ति को मायके लेकर आ गए थे, लेकिन बाद में सास उसे वापस ससुराल ले गईं। ऋषभ के अनुसार, दीप्ति फोन पर उन्हें कई बार बताती थी कि उसे टॉर्चर किया जा रहा है और पति के रिश्तों को लेकर वह काफी परेशान रहती थी।
‘मारा गया या सुसाइड?’ – परिवार की उलझन
दीप्ति के भाई ने यह भी कहा कि उन्हें साफ नहीं पता कि उनकी बहन की हत्या की गई या उसने खुदकुशी की। उनका कहना है कि 2–3 दिन पहले ही दोनों की बात हुई थी और उस समय दीप्ति अपने बेटे के स्कूल एडमिशन की बात कर रही थी।
परिवार की यह दलील जांच को और पेचीदा बना देती है, क्योंकि एक ओर सुसाइड की बात है, दूसरी ओर हत्या की आशंका, घरेलू हिंसा और अवैध रिश्तों के आरोप भी हैं।
सुसाइड नोट: आरोप नहीं, भावनात्मक बातें
दिल्ली पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जो जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस नोट में किसी खास व्यक्ति पर सीधा आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन रिश्ते में प्यार और भरोसे की कमी जैसी भावनात्मक बातें लिखी गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, नोट में यह तरह की भावना जताई गई कि जिस रिश्ते में प्यार और भरोसा न हो, उसमें जीने का क्या फायदा। दीप्ति की शादी 2010 में कमल किशोर के बेटे हरप्रीत चौरसिया से हुई थी, लेकिन बाद में हरप्रीत की दूसरी शादी ने तनाव और बढ़ा दिया था।
परिवार के वकील की सफाई
कमला पसंद परिवार के वकील राजेंद्र सिंह ने इस पूरे मामले पर कहा कि यह दोनों परिवारों के लिए बड़ा नुकसान है और सभी बहुत दुखी हैं। वकील का कहना है कि मीडिया में जो बातें रिपोर्ट हो रही हैं, उनमें कई चीजें गलत हैं और वे नहीं चाहते कि गलत रिपोर्टिंग से दोनों परिवारों को और नुकसान हो।
सुसाइड नोट पर सवाल पूछे जाने पर वकील ने कहा कि यह पुलिस के पास है और वे खुद कोई जांच एजेंसी नहीं हैं, इसलिए इसकी डिटेल पुलिस ही बताएगी। उन्होंने यह भी इशारा किया कि संभव है दीप्ति को एंजायटी या मानसिक तनाव की समस्या रही हो, लेकिन पुख्ता निष्कर्ष अभी जांच के बाद ही निकाले जा सकते हैं।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस अधिकारी परिवार और मीडिया के सामने ज्यादा खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मौत का सही कारण क्या रहा और उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, फोन कॉल डिटेल्स, चैट्स, मेडिकल हिस्ट्री और पारिवारिक रिश्तों के एंगल से पूछताछ सब शामिल होंगे। अगर घरेलू हिंसा या उत्पीड़न के सबूत मिलते हैं, तो आईपीसी की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होकर गिरफ्तारी भी हो सकती है।
समाज के लिए सवाल: हाई-प्रोफाइल घर, लेकिन दर्द वही
यह केस एक बार फिर दिखाता है कि आर्थिक रूप से मजबूत या हाई-प्रोफाइल परिवारों में भी रिश्तों की टूटन, मानसिक तनाव और घरेलू हिंसा के मामले सामने आ सकते हैं। बाहर से चमकदार दिखने वाली जिंदगी के पीछे भावनात्मक अकेलापन, असुरक्षा और रिश्तों में कड़वाहट छिपी रह जाती है।
दीप्ति की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए हैं – क्या समय रहते मदद मिल पाती तो नतीजा अलग होता, क्या समाज और कानून घरेलू हिंसा को पर्याप्त गंभीरता से लेते हैं, और क्या महिलाओं के लिए सपोर्ट सिस्टम काफी मजबूत है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!