ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर धर्म और बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। दिल्ली बीजेपी के मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी मार्लेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आतिशी ने 6 जनवरी को विधानसभा में दिए गए बयान से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और इसके बाद वह अचानक विधानसभा और सार्वजनिक कार्यक्रमों से गायब हो गईं। बीजेपी इसे उनके अपराधबोध के रूप में देख रही है।
आतिशी मार्लेना के बयान पर बीजेपी का आरोप
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आतिशी के उस भाषण में सिख गुरू साहिबान के प्रति कथित रूप से अभद्र शब्दों का प्रयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बयान के बाद आतिशी का अचानक सार्वजनिक मंचों से गायब हो जाना यह दर्शाता है कि उन्हें अपने शब्दों की गंभीरता का एहसास हो गया है। बीजेपी प्रवक्ता का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है और आम आदमी पार्टी की कई नेता और कार्यकर्ता समय-समय पर विभिन्न धर्मों को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं।
AAP पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
बीजेपी का यह भी आरोप है कि AAP की यह रणनीति सुनियोजित है। प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, "AAP अलग-अलग धर्मों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए लगातार ऐसे विवादित बयान देती रही है। यह उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है।"
उन्होंने 23 दिसंबर को दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के बयान का उदाहरण भी दिया, जिसमें उन्होंने सेंटा क्लॉज को लेकर टिप्पणी की थी। इससे ईसाई समाज की भावनाएं आहत हुई थीं, लेकिन AAP ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुराने विवाद भी सामने
बीजेपी ने AAP के पुराने विवादों को भी याद दिलाया। अक्टूबर 2022 में तत्कालीन मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। बीजेपी का कहना है कि इससे हिन्दू समाज में गुस्सा पैदा हुआ, लेकिन AAP ने उन्हें बचाने की कोशिश की।
मार्च 2021 में पंजाब में AAP कार्यकर्ताओं द्वारा कुरान का अपमान करने की घटना भी सामने आई। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं ठेस पहुंची, लेकिन पार्टी ने इस मामले को दबाने की कोशिश की।
AAP का पक्ष
अब तक इस मामले पर आम आदमी पार्टी या आतिशी मार्लेना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और बीजेपी चुनाव के मौसम में धार्मिक मुद्दे उठाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव और राजनीतिक असर
दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही यह विवाद और तेज होता जा रहा है। बीजेपी इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है और विभिन्न धार्मिक समुदायों से संपर्क कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद दिल्ली की चुनावी राजनीति में अहम मुद्दा बन सकता है और मतदाताओं की धारणा पर असर डाल सकता है।
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