ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बांग्लादेश में हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही पार्टी प्रमुख तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, वे मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल के साथ शपथ लेंगे। चुनाव परिणाम आने के बाद पूरे देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजर नई कैबिनेट पर टिकी है।
नई कैबिनेट को लेकर अटकलें
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार की सरकार में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और प्रतिभाशाली चेहरों को भी मौका दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ नेता कैबिनेट से बाहर रह सकते हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार गठन में क्षेत्रीय और धार्मिक संतुलन का खास ध्यान रखा जाएगा, ताकि देश के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बीएनपी की छवि को समावेशी और संतुलित बनाने में मदद करेगा।
संभावित मंत्रियों के नाम चर्चा में
नई सरकार में जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें हुमायूं कबीर, डॉ. रेजा किबरिया, अमीर खसरू महमूद चौधरी, मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर, मोहम्मद असदुजम्मान, सलाहुद्दीन अहमद, मिर्जा अब्बास, रूहुल कबीर रिजवी, आजम जाहिद हुसैन और नजरूल इस्लाम खान शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा गयेश्वर चंद्र रॉय को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम सूची शपथ ग्रहण से ठीक पहले ही सार्वजनिक की जाएगी। ऐसे में इन नामों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं जारी हैं।
शपथ से पहले विपक्ष से संवाद
सरकार गठन से पहले तारिक रहमान ने विपक्षी दलों से मुलाकात कर सुलह और सहयोग का संकेत दिया है। रविवार 15 फरवरी 2026 को उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान के आवास पर जाकर मुलाकात की। उस समय जमात-ए-इस्लामी 11 दलों के गठबंधन के साथ 32 संसदीय क्षेत्रों में मतगणना की मांग पर चर्चा कर रही थी।
इसके अलावा उन्होंने नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम से भी मुलाकात की। इन बैठकों को नई सरकार के लिए समर्थन और स्थिरता सुनिश्चित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे की राह
बीएनपी की इस जीत को बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि नई सरकार किन नीतियों को प्राथमिकता देती है और देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और विदेश नीति के मोर्चे पर क्या कदम उठाती है।
नई कैबिनेट में युवाओं और अनुभवी नेताओं का संतुलन किस तरह बैठता है, यह भी सरकार की कार्यशैली को प्रभावित करेगा। फिलहाल, पूरे देश की नजर शपथ ग्रहण समारोह और मंत्रिमंडल की अंतिम सूची पर टिकी है। बीएनपी की बहुमत सरकार से जनता को स्थिरता और विकास की उम्मीद है। आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा कि यह नई सरकार बांग्लादेश को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।
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