ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इन दिनों भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मशहूर भारतीय पॉडकास्टर राज शमानी के साथ एक खास बातचीत की, जिसमें भारत-फ्रांस संबंधों, तकनीकी साझेदारी, वैश्विक राजनीति और अमेरिका-चीन के बीच बदलते शक्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब मैक्रों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम मुलाकात प्रस्तावित है।
भारत-फ्रांस साझेदारी पर मैक्रों का भरोसा
पॉडकास्ट में राज शमानी ने सवाल किया कि क्या भारत और फ्रांस वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण पेश कर रहे हैं? इस पर मैक्रों ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भारत और फ्रांस साथ मिलकर काम करते हैं तो बेहतर और स्थायी परिणाम सामने आते हैं।
रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंची है। मैक्रों ने कहा कि यह रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और दीर्घकालिक है।
रणनीतिक स्वायत्तता की साझा सोच
मैक्रों ने साफ कहा कि फ्रांस और भारत दोनों ही किसी एक महाशक्ति पर निर्भर नहीं रहना चाहते। उन्होंने अमेरिका और चीन का नाम लेते हुए कहा कि दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध रखना जरूरी है।
उनके मुताबिक, भारत और फ्रांस की सोच में समानता है—दोनों देश स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता के समर्थक हैं। बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन के दौर में यह दृष्टिकोण और भी अहम हो जाता है।
भारतीय छात्रों को फ्रांस आने का न्योता
पॉडकास्ट के दौरान मैक्रों ने भारतीय छात्रों को फ्रांस में पढ़ाई के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस के विश्वविद्यालय और संस्थान उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस में अंग्रेजी भाषा में भी पढ़ाई के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। तकनीक, प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में फ्रांस तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, यूरोप के सबसे सक्रिय स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम में से एक फ्रांस में मौजूद है।
फ्रांस सरकार पिछले कुछ वर्षों से भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही है। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है।
मुंबई आगमन और उच्च स्तरीय बैठक
मैक्रों मंगलवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी इस अवसर पर मौजूद रहे। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में रक्षा सहयोग, निवेश, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
बदलती वैश्विक व्यवस्था में नई रणनीतिक अहमियत
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत और फ्रांस जैसे देशों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
भारत-फ्रांस संबंध अब पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी का रूप ले चुके हैं। मैक्रों का यह दौरा और पॉडकास्ट में दिया गया संदेश इस बात का संकेत है कि दोनों देश आने वाले समय में और गहराई से सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
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