ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पाकिस्तान के नेवी चीफ एडमिरल नावीद अशरफ ने हाल ही में मलेशिया का आधिकारिक दौरा किया, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मलेशिया यात्रा पर थे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को रणनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
रॉयल मलेशियाई नौसेना मुख्यालय में हुआ स्वागत
मलेशिया पहुंचने पर एडमिरल नावीद अशरफ का रॉयल मलेशियाई नौसेना (RMN) मुख्यालय में औपचारिक स्वागत किया गया। रॉयल मलेशियाई नौसेना के प्रमुख एडमिरल डॉ. ज़ुल्हेल्मी बिन इथनैंन ने उनका स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस औपचारिक स्वागत को पाकिस्तान-मलेशिया के बीच मजबूत होते सैन्य संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
रणनीतिक और समुद्री सुरक्षा पर अहम बातचीत
दोनों नौसेना प्रमुखों के बीच हुई बैठकों में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें रणनीतिक मामलों, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान शामिल रहे। खास तौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान यह भी तय हुआ कि दोनों देश भविष्य में संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सूचना साझा करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेंगे।
आईएसपीआर ने दी यात्रा की जानकारी
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने इस दौरे को लेकर बयान जारी किया। आईएसपीआर के अनुसार, एडमिरल नावीद अशरफ ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में पाकिस्तानी नौसेना की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा गश्ती दल (RMSP) और संयुक्त समुद्री बलों (CMF) में पाकिस्तान की भागीदारी का जिक्र किया।
इसके अलावा, पाक नेवी चीफ ने मलेशिया के राष्ट्रीय जलविज्ञान केंद्र का भी दौरा किया। यहां प्रशिक्षण, डेटा साझा करने और पेशेवर सहयोग जैसे क्षेत्रों में पाकिस्तान के राष्ट्रीय जलविज्ञान कार्यालय के साथ तालमेल बढ़ाने पर बातचीत हुई।
समुद्री डकैती और आतंकवाद पर चिंता
पाकिस्तानी नौसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस यात्रा ने पाकिस्तान और मलेशिया के बीच नौसैनिक साझेदारी को और मजबूत किया है। दोनों पक्षों ने समुद्री डकैती, आतंकवाद और सुरक्षित समुद्री संचार मार्गों को सुनिश्चित करने जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को बेहद जरूरी बताया।साथ ही, नौसैनिक जुड़ाव बढ़ाने, संयुक्त अभ्यास करने और तकनीकी जानकारी साझा करने पर भी सहमति बनी।
भारत के मलेशिया दौरे के बीच पाक नेवी चीफ की यात्रा
गौर करने वाली बात यह है कि एडमिरल नावीद अशरफ का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मलेशिया में थे। पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। ऐसे में दोनों देशों के समानांतर दौरों को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
पुराने और मजबूत हैं पाकिस्तान-मलेशिया संबंध
पाकिस्तान और मलेशिया के रिश्ते लंबे समय से दोस्ताना रहे हैं। दोनों देशों के बीच 1957 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। तब से लेकर अब तक रक्षा, व्यापार और कूटनीतिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ता रहा है।
कुल मिलाकर, पाकिस्तानी नेवी चीफ का यह दौरा न केवल द्विपक्षीय नौसैनिक संबंधों को मजबूती देने वाला माना जा रहा है, बल्कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी एक अहम कदम है।
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