ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजियाबाद के मोदीनगर में 20 जनवरी 2026 को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। यहाँ संजयपुरी कॉलोनी में रहने वाले विपिन कुमार और उनकी पत्नी ईशा के बीच शुरू हुआ आम‑सा घरेलू विवाद अचानक एक भयावह घटना में बदल गया। बातचीत का विवाद इतना बढ़ा कि अंत में पत्नी ने अपने पति की जीभ अपने दांतों से काट दी। पुरुष को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
क्या हुआ उस रात? झगड़े की वजह क्या थी?
परिवार के लोगों के अनुसार, शाम को विपिन जब घर लौटे तो भोजन की बात चली। बताया जाता है कि ईशा दिनभर सोशल मीडिया रील्स (वीडियो) बनाने में व्यस्त थी, जिस वजह से उसने खाना नहीं बनाया था। जब विपिन ने भोजन मांगा और खाना नहीं मिलने पर बहस शुरू हुई। इस मामूली सी बात से दोनों में कहासुनी बढ़ी और अंततः मारपीट की स्थिति तक मामला पहुंचा।
परिवार की बड़ी सदस्य और विपिन की मां गीता देवी ने आरोप लगाया कि ईशा पहले से ही गाली‑गलौज और मारपीट की आदत रखती थी, और शादी के छह महीने में यह हिंसा रोज़मर्रा की बात हो चुकी थी। उनके अनुसार ईशा शराब तथा सिगरेट का सेवन भी करती थी, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण रहता था।
भारी गुस्सा और हिंसा का चरम
शाम का झगड़ा जब शांत हुआ और दोनों सोने के लिए कमरे में चले गए, तो रात को फिर एक बार खाना बनाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। गुस्से में आकर ईशा ने अपने पति के जीभ को काट दिया। जीभ के सामने हिस्से को काटने के बाद विपिन खून से लथपथ स्थिति में दूसरे कमरे में पहुंच गए, जहां घर के लोग सो रहे थे।
जीभ कटने के कारण विपिन बोल भी नहीं पा रहे थे और हालत गंभीर थी। परिजन तुरंत उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें मेरठ के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
फोरेंसिक जानकारी क्या कहती है?
कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि ईशा ने चाकू से काटा, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि पत्नी ने अपनी दांतों से जीभ का हिस्सा काटा, न कि चाकू से। ऐसी बातें सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों को खारिज भी किया जा रहा है।
परिवार की प्रतिक्रिया और शिकायत
विपिन की मां गीता देवी ने अपनी बेटी‑in‑law पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि ईशा न सिर्फ मारपीट करती थी बल्कि परेशान करने के लिए आत्महत्या और जेल भिजवाने की धमकी भी देती थी। ऐसे भारी आरोपों के बाद उन्होंने मोडीनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस इस मामले को घरेलू हिंसा का गंभीर मामला मानते हुए पूछताछ जारी रखे हुए है और पूरे परिवार से बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव
यह मामला सिर्फ घरेलू विवाद नहीं रह गया, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया के प्रभाव का मामला भी बन गया है। आज‑कल Reels, TikTok‑style वीडियो और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव इतना ज्यादा बढ़ गया है कि कई बार लोग अपने काम, घर और पारिवारिक जिम्मेदारियों को पीछे रखकर केवल ऑनलाइन लाइक्स और फॉलोअर्स की संख्या पर ध्यान देने लगते हैं।
इस मामले में भी यही हुआ — पत्नी रील बनाने में व्यस्त थी, जिससे घरेलू काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों में अनदेखी हुई और विवाद बढ़ता गया। यह घटना ऐसे कई मामलों की याद दिलाती है जहाँ सोशल मीडिया की चाह और वास्तविक जीवन के दायित्वों के बीच की दूरी कहीं ना कहीं रिश्तों को नुकसान पहुंचा रही है।
पड़ोसियों और मोहल्ले की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मोहल्ले में सनसनी फैल गई। कई लोगों ने कहा कि वे इस तरह का विवाद देखकर हैरान हैं और नहीं सोच सकते थे कि खाते‑पीते परिवार में ऐसा भयानक कदम उठाया जाएगा। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि आजकल “छोटी बात भी बड़ी लड़ाई में बदल जाती है” और लोगों को आपसी समझ और धैर्य रखने की ज़रूरत है।
कुछ पड़ोसियों ने मित्रता और रिश्तों में तानों और अभद्र भाषा के उपयोग पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, छोटे‑छोटे झगड़े भी अगर सही तरीके से सुलझाए जाएँ, तो इस तरह के दर्दनाक परिणाम कभी नहीं होते।
घरेलू हिंसा का व्यापक मुद्दा
यह घटना हमें एक बड़ा सामाजिक मुद्दा भी याद दिलाती है — घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह। अक्सर छोटे‑छोटे विवादों से शुरू हुए मुद्दे केवल गुस्से, अवहेलना और असहिष्णुता की वजह से बढ़ते हैं। घर के लोग जब एक‑दूसरे की बात को गंभीरता से नहीं लेते और तनाव बढ़ता जाता है, तो रिश्तों में दरार पड़ जाती है।
गृहस्थ जीवन में समझ, विश्वास और धैर्य का बड़ा महत्व है। घरेलू कलह न केवल शारीरिक नुकसान पहुँचा सकती है बल्कि मानसिक तनाव और सामाजिक दूरी भी पैदा कर सकती है। इसलिए परिवारों को चाहिए कि वे छोटे विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाएँ औरमतभेद को प्यार और समझ के साथ संभालें।
आधुनिक जीवन की चुनौतियाँ
आज के समय में सोशल मीडिया, नौकरी, जीवनशैली और बाहरी प्रभावों से पारिवारिक जीवन में दबाव बढ़ गया है। कई बार लोग बाहर की दुनिया में इतने उलझ जाते हैं कि अपने घर‑परिवार के साथ तालमेल खो बैठते हैं। यह मामला भी इसी बात का उदाहरण है, जहाँ रील्स और ऑनलाइन गतिविधियों के कारण घरेलू जिम्मेदारियों में अनदेखी हुई और गंभीर परिणाम सामने आए।
कानूनी प्रक्रिया और पुलिस की भूमिका
पुलिस ने इस गंभीर मामला में मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, और मामले की गहन जांच जारी है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे सबूत और बयानों की जांच नहीं हो जाती, तब तक कोई भी जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं दिया जा सकता।
आधुनिक कानून घरेलू हिंसा, शारीरिक हमला, और गंभीर चोट के मामलों में उचित दंड देने के प्रावधान रखते हैं। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में मामला प्रस्तुत होगा और न्यायिक प्रक्रिया से ही निर्णय लिया जाएगा कि किस तरह की सज़ा और राहत प्रदान की जानी चाहिए।
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