बजट 2026 पर सियासत गरमाई: बीजेपी सांसद ने बताया ऐतिहासिक, कांग्रेस सांसद बोले ‘खाली डब्बा’
केंद्रीय बजट 2026–27 पेश होने के बाद राजनीति में गर्मजोशी देखने को मिली है। भाजपा के सांसद एसपी सिंह बघेल ने बजट को ऐतिहासिक बताया है, जबकि कांग्रेस MP इमरान मसूद और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे ‘खाली डब्बा’ और आम जनता के लिए निराशाजनक करार दिया है।
बजट 2026 पर सियासत गरमाई: बीजेपी सांसद ने बताया ऐतिहासिक, कांग्रेस सांसद बोले ‘खाली डब्बा’
  • Category: भारत

1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश किया गया, जिसे वित्त मंत्री ने कई नई पहलों और योजनाओं के साथ पेश किया गया। यह बजट न सिर्फ आर्थिक दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों ने अपने-अपने नजरिये से बजट को लेकर बयान दिए हैं, जिससे सियासत गरमाई हुई है।

 

बीजेपी सांसद का नजरिया: ऐतिहासिक बजट

भाजपा के सांसद एसपी सिंह बघेल ने बजट 2026 को एक सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे और विकास को गति देंगे। बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने, पूंजी व्यय बढ़ाने तथा टैक्स संबंधी राहत के प्रस्ताव जैसे कदमों को उन्होंने तारीफ के लायक बताया।

 

एसपी सिंह बघेल के अनुसार यह बजट उन क्षेत्रों के लिए अवसर पैदा करेगा, जहां रोजगार और निवेश की जरूरत है। उनका कहना था कि विदेश यात्रा पैकेज पर टैक्स में कमी और कस्टम ड्यूटी में राहत जैसी घोषणाएं आम जनता के साथ साथ व्यापारिक वर्ग को भी फायदा पहुंचा सकती हैं।

 

उनका यह भी जोर रहा कि अगर बजट में दी गई घोषणाओं को सही तरीके से लागू किया जाता है तो यह देश के दीर्घकालिक विकास के लिए फायदेमंद साबित होगा।

 

कांग्रेस सांसद की प्रतिक्रिया:खाली डब्बा

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट को कड़ी आलोचना का सामना करवाया है। उन्होंने कहा कि यह बजटखाली डब्बाहै, यानी इसमें वास्तविक रूप से जनता को राहत देने वाली कोई ठोस घोषणा नहीं है।

 

इमरान मसूद का कहना रहा कि बजट में किसानों, निर्यातकों और गरीब तबके के लिए कोई महत्वपूर्ण प्रावधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समर्थन नहीं मिला है, निर्यातकों को राहत देने वाला कोई प्रावधान नहीं है और आम लोगों के लिए राहत के उपाय नहीं दिखते।

 

उनकी इस टिप्पणी को कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी समर्थन दिया है। विपक्ष का दावा रहा कि यह बजट वास्तविक आवश्यकताओं से दूर, केवल वादों और उद्घोषणाओं तक सीमित है। कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे लक्ष्यहीन, दिशाहीन और आम जनता के लिए मायूसी वाला भी बताया है।

 

विपक्षी नेताओं के निशाने पर बजट

इमरान मसूद के अलावा और भी कई विपक्षी नेताओं ने बजट पर आलोचना की है। उनका कहना है कि बजट में गरीब, किसान, बेरोजगार युवाओं और महिला वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई। कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे प्रतिज्ञाओं से भरा लेकिन असल समस्या को न समझने वाला बजट बताया है।

 

कांग्रेस के अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि बजट में मध्य और निचली आय वर्ग के लिए कोई सीधा लाभ नहीं है, और इस बजट ने जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इसका असर सरकार की आर्थिक नीति की विश्वसनीयता पर भी पड़ सकता है।

 

इसके अलावा कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि बजट को केवल संख्या और आंकड़ों का खेल बताया जा सकता है, जिसमें लोगों के जीवन में सुधार की कोई बड़ी योजना सामने नहीं आई।

 

आम बजट के बड़े सवाल

आर्थिक विशेषज्ञों और आम जनता के बीच भी बजट की चर्चा चल रही है। कुछ लोगों का मानना है कि यह बजट न तो किसानों की समस्याओं को समझता है और न ही युवा बेरोजगारों को रोजगार के अवसर देता है। वहीं कुछ का यह भी कहना है कि बजट बड़ी योजनाओं के दावों के बावजूद गरीब और मध्यम वर्ग को सीधे लाभ नहीं पहुंचा रहा।

 

यह चर्चा तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब देश भर के व्यापारियों ने भी प्रतिक्रिया दी है कि बजट उनके लिए कोई खास राहत लेकर नहीं आया और यह पिछले साल के बजट जैसा ही दिखाई देता है।

 

राजनीतिक मायने और भविष्य की राजनीति

बजट पर प्रतिक्रिया केवल वित्तीय विश्लेषण तक सीमित नहीं है। यह राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित कर रहा है। सत्तारूढ़ दल भाजपा इसे प्रगति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे निर्धारित लक्ष्यों से भटका हुआ करार दे रहा है। इस तरह की बहसें आम चुनावों और राज्य स्तर के चुनावों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण हैं।

 

राजनीतिक पार्टियां बजट को लेकर अपने मतभेदों को मजबूती से पेश कर रही हैं, जिससे जनता के बीच यह मुद्दा और गहराता जा रहा है। भविष्य में इस बजट के असर और लागू होने वाली योजनाओं को देखते हुए राजनीतिक समीकरणों में और बदलाव संभव है।

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