ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। केरल के पलक्कड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और इस संकट का असर भारत पर कम से कम हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
खाड़ी देशों में भारतीयों की बड़ी आबादी
प्रधानमंत्री ने बताया कि खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं। ऐसे में वहां की स्थिति का सीधा असर भारत और भारतीय परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विदेश नीति का मुद्दा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के हितों से जुड़ा हुआ मामला है। इसलिए इस पर बेहद सावधानी और जिम्मेदारी से बयान देना जरूरी है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता इस संवेदनशील विषय पर गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, जिससे विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि ऐसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मामलों का राजनीतिकरण न करें और देशहित को प्राथमिकता दें।
केरल की राजनीति पर भी निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में केरल की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय से LDF और UDF के बीच फंसा हुआ है, जिससे विकास प्रभावित हुआ है। उन्होंने इन दोनों गठबंधनों पर भ्रष्टाचार और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे आम जनता को नुकसान हुआ है।
‘मन की बात’ में भी अफवाहों पर चिंता
अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में भी प्रधानमंत्री ने अफवाहों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी और फर्जी खबरें देश के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। इसलिए लोगों को सिर्फ आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।
एकजुटता से संकट का सामना
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत के लोग एकजुट होकर हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश पहले भी कई मुश्किल हालात से मजबूती से बाहर निकला है और इस बार भी ऐसा ही होगा।
इस पूरे बयान में प्रधानमंत्री का फोकस साफ दिखता है—विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा, अफवाहों से बचाव और देश की एकता। उन्होंने जहां एक तरफ सरकार की जिम्मेदारी को दोहराया, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष और आम जनता से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। मौजूदा वैश्विक संकट के बीच यह संदेश संतुलन और सतर्कता का संकेत देता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!