ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के परिवार में राजनीतिक कलह खुलकर सामने आ गई है। समाजवादी पार्टी से मोहम्मदाबाद के विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी के बड़े भाई सलमान अंसारी के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी माहौल गरमा दिया है। इस पोस्ट के बाद न सिर्फ अंसारी परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा तूफान
सलमान अंसारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी साझा की, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक मतभेद से भी जुड़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम 2027 के चुनाव से पहले बदलते समीकरणों का संकेत हो सकता है। परिवार के भीतर उठी यह बगावत विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए अहम साबित हो सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल की राजनीति में अंसारी परिवार का प्रभाव लंबे समय से रहा है, ऐसे में यह विवाद चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप
सलमान अंसारी ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 30 हजार रुपये की लागत वाली स्ट्रीट लाइट के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च दिखाया गया। इतना ही नहीं, विधायक निधि के करीब 20 करोड़ रुपये में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि साल 2022 में जनता से विकास के नाम पर वोट मांगा गया था, लेकिन अब जनता को जवाब देने की स्थिति नहीं बची है। उनके इन आरोपों से साफ है कि मामला सिर्फ राजनीतिक मतभेद का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत असंतोष और अंदरूनी संघर्ष का भी है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कौन हैं सिबगतुल्लाह अंसारी?
सिबगतुल्लाह अंसारी, जो मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं। उनके छोटे भाई अफजाल अंसारी भी सक्रिय राजनीति में हैं। मुख्तार अंसारी की 2024 में बांदा जेल में 60 वर्ष की उम्र में मौत हो चुकी है। वर्तमान में सुहैब अंसारी मोहम्मदाबाद सीट से विधायक हैं और परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
सपा और अन्य दलों पर भी बयानबाज़ी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एआईएमआईएम के पूर्वांचल प्रवक्ता अफसर महमूद ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी आजम खान के साथ नहीं रही, वह नसीमुद्दीन के साथ क्या होगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री रहते समय नसीमुद्दीन ने बड़े घोटाले किए थे।
चुनाव से पहले बदलते संकेत
कुल मिलाकर, अंसारी परिवार के भीतर की यह कलह आगामी 2027 चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत मानी जा रही है। यदि यह विवाद आगे बढ़ता है, तो इसका असर न केवल मोहम्मदाबाद बल्कि पूरे पूर्वांचल की राजनीति पर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पारिवारिक विवाद किस दिशा में जाता है और चुनावी मैदान में क्या नया समीकरण बनाता है।
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