संसद में अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर हमला, ईवीएम और उपचुनाव पर सवाल
अखिलेश यादव ने संसद में चुनाव आयोग, उपचुनावों और ईवीएम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। रामपुर व फर्रुखाबाद में धांधली के आरोप लगाते हुए बैलेट पेपर की मांग की।
संसद में अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर हमला, ईवीएम और उपचुनाव पर सवाल
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संसद के शीतकालीन सत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और हालिया उपचुनावों की प्रक्रिया को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की ताकत होते हैं, लेकिन आज उनकी विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है। अखिलेश ने कहा कि अगर चुनाव पर भरोसा ही डगमगा जाए, तो लोकतंत्र की बुनियाद हिल जाती है।

 

रामपुर उपचुनाव पर गंभीर आरोप

 

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने सबसे पहले रामपुर उपचुनाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटिंग के दिन पुलिस और प्रशासन नेघर-घर जाकरलोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचने से रोका। उनके मुताबिक, यह पहली बार हुआ कि बीजेपी वहां सीट जीत पाई और इसका कारण यही दबाव और धांधली थी।

 

अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस तरह की अनियमितताओं की कई शिकायतें भेजीं, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कदम उठाना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिकायतों पर कार्रवाई ही नहीं होती, तो चुनाव कितने स्वतंत्र और निष्पक्ष कहे जा सकते हैं?

 

2027 के चुनाव पर BJP को चुनौती

 अखिलेश यादव ने बीजेपी को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां-जहां आप उपचुनाव जीते हो, उनमें से एक भी सीट जीतकर दिखा देना।इस चुनौती के साथ उन्होंने बीजेपी की उपचुनाव जीत को संदेहास्पद और प्रशासनिक दबाव का परिणाम बताया।

 

कांग्रेस के सुझाव का समर्थन

 अखिलेश यादव ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर कांग्रेस के सुझाव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इसलिए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का तरीका बदले बिना पारदर्शी चुनाव संभव नहीं।

 

EVM पर एक बार फिर निशाना

 अखिलेश यादव ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कई विकसित देशों, जैसे जर्मनी, ने ईवीएम को मान्यता नहीं दी है। उनका कहना था, “भारत को फिर से बैलेट पेपर पर लौटना चाहिए ताकि किसी को संदेह रहे।

 

उन्होंने दावा किया कि कई उपचुनावों मेंवोट चोरीनहीं हुई, बल्किसीधे-सीधे वोट डकैतीहुई है।

 

फर्रुखाबाद चुनाव मेंनतीजे बदलनेका दावा

 अखिलेश यादव ने फर्रुखाबाद उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तो हालात इतने खराब थे कि नतीजे बदलने की घटनाएं सामने आईं। उम्मीदवारों ने इसकी औपचारिक शिकायत भी की थी, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

 

चुनाव प्रक्रिया में पैसों के इस्तेमाल का आरोप

 उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में चुनाव के दौरान महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजे गए, जो चुनावी आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। उनके मुताबिक, जब तक सभी राजनीतिक दलों को चुनाव में समान अवसर और समान मंच नहीं मिलता, तब तक चुनाव प्रक्रिया कोपारदर्शीनहीं कहा जा सकता।

 

अखिलेश यादव के इन आरोपों ने संसद में जोरदार चर्चा छेड़ दी है। जहां बीजेपी इन आरोपों को आधारहीन बता सकती है, वहीं विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठा रहा है। अखिलेश के बयान चुनावी प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता के मुद्दे को फिर से केंद्र में ले आए हैं।

 

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