ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की सियासत और तेज होती जा रही है। नेताओं के बीच बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इस बार विवादों के केंद्र में आरजेडी नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव आ गए हैं। पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर तेजस्वी यादव की सरकार बनती है, तो वह बिहार में शरिया कानून लागू करेंगे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम का बड़ा दावा
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने बयान में कहा कि तेजस्वी यादव के इरादे साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव भूल गए हैं कि मुख्यमंत्री का चुनाव जनता करती है, पार्टी केवल उम्मीदवार घोषित करती है। अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं, तो बिहार में वक्फ कानून की जगह शरिया कानून लागू करेंगे।”
प्रमोद कृष्णम के इस बयान ने बिहार की राजनीतिक फिज़ा में नई हलचल मचा दी है। आरजेडी समर्थक जहां इसे बेबुनियाद बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
दूसरी ओर, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री बिहार को धोखा देने आ रहे हैं।” पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा, “प्रधानमंत्री के सिर्फ दौरे और रैलियों से बिहार की सच्चाई नहीं बदलने वाली। पिछले 11 सालों में बिहार को क्या मिला, बस यह हिसाब जनता जानना चाहती है।”
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार को हमेशा नज़रअंदाज़ करती रही है और राज्य के विकास के नाम पर केवल वादे किए गए हैं, जो कभी पूरे नहीं हुए।
पीएम मोदी के बिहार दौरे को लेकर सियासत गरमाई
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को बिहार का दौरा करेंगे। वह इस दौरान मुजफ्फरपुर और छपरा में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मोदी का यह दौरा चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि मतदान से पहले यह बीजेपी की बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
चुनावी समीकरण और जनता की नजर
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। इस बीच सभी राजनीतिक दल वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मैदान में है, जबकि एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान के बाद सियासी पारा और बढ़ गया है। जहां बीजेपी और जेडीयू इस बयान को मुद्दा बनाकर तेजस्वी पर निशाना साध सकते हैं, वहीं आरजेडी इस पर सफाई देने और अपना पक्ष मजबूत करने में जुटी है।
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