ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर इस बार सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। 21 जून को होने वाली री-एग्जाम परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार भारतीय वायुसेना यानी IAF की मदद लेने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए एयरफोर्स के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री शामिल हुए। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन सरकार इस विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है।
पेपर ट्रांसपोर्ट में एयरफोर्स की भूमिका पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या NEET-UG के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों को रोका जा सकता है। बताया जा रहा है कि परीक्षा से जुड़ी हर प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी व्यवस्था शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी खुद कर रहे निगरानी
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 21 जून को होने वाली परीक्षा की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी लगातार दी जा रही है। पिछले वर्षों में NEET परीक्षा को लेकर कई विवाद सामने आए थे। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सरकार इस बार कोई चूक नहीं चाहती। यही वजह है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त कदमों पर विचार किया जा रहा है।
विपक्ष ने सरकार पर कसा तंज
मोदी सरकार के इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना (UBT) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अगर परीक्षा के पेपर एयरफोर्स पहुंचाएगी, तो जवाबी कॉपियों को उठाने और सर्वर पर अपलोड करने के लिए नेवी की सबमरीन भी इस्तेमाल कर लीजिए।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पहले आर्मी प्रिंटिंग सेंटर से पेपर उठाएगी, फिर सेना की बुलेटप्रूफ गाड़ियां उन्हें एयरबेस तक पहुंचाएंगी और उसके बाद एयरफोर्स परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाएगी। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार पर व्यंग्य किया।
परीक्षा को लेकर छात्रों में बढ़ी चिंता
NEET परीक्षा देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में हर बार परीक्षा से जुड़े विवाद छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा देते हैं। सरकार अब यह संदेश देना चाहती है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित होगी। हालांकि विपक्ष इसे सरकार की विफलता और परीक्षा प्रणाली पर अविश्वास से जोड़कर देख रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार वास्तव में NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्रों के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेती है या नहीं। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!