ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पूर्णिया से निर्वाचित सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई आज (सोमवार, 9 फरवरी 2026) पटना सिविल कोर्ट में होनी थी, लेकिन अचानक कोर्ट को एक बम धमकी भरा ई‑मेल मिला। इसी कारण कोर्ट परिसर खाली कराना पड़ा और आज की सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब पप्पू यादव को फिलहाल बेऊर जेल में ही रहना होगा।
क्या हुआ धमकी के समय?
सोमवार सुबह पटना सिविल कोर्ट को एक ई‑मेल मिला, जिसमें धमकी दी गई कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं और उसे बम से उड़ा दिया जाएगा। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कोर्ट के अंदर मौजूद न्यायाधीश, वकील और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, फिर पूरे कोर्ट परिसर की जांच शुरू कर दी।
पुलिस की जांच के बाद फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु या धमकी देने वाला व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से कोर्ट का कामकाज पूरे दिन के लिए ठप रहा और सुनवाई आगे बढ़ाई नहीं जा सकी।
जमानत सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण थी?
पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने मामले के सिलसिले में अवैध कब्जे व जालसाजी जैसे आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उनकी जमानत याचिका सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई के लिए रखी गई थी ताकि वे जेल से बाहर आ सकें। परंतु धमकी मिलने के कारण यह सुनवाई अब आगे की तारीख पर होगी।
अब तक की जानकारी के अनुसार, जब तक कोर्ट नई तारीख तय नहीं करती है, पप्पू यादव को बेऊर केंद्रीय जेल, पटना में ही रहना पड़ेगा।
कोर्ट और सुरक्षा का रिएक्शन
बम धमकी मिलने के बाद पुलिस और सिक्योरिटी एजेंसियों ने कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया। इसके चलते कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। हालांकि अभी तक कोई विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन मामले की गंभीरता से जांच जारी है।
इस धमकी ने न सिर्फ पप्पू यादव की सुनवाई को प्रभावित किया है, बल्कि कोर्ट के सामान्य कामकाज को भी बाधित किया है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी केसों की सुनवाई तभी फिर से शुरू होगी, जब सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
पप्पू यादव की गिरफ्तारी और सुनवाई के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल भी तेज है। विपक्षी पार्टियों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है और सरकार पर निशाना साधा है कि यह कार्रवाई राजनीतिक लक्ष्य से प्रेरित है। हालांकि, इस धमकी की सच्चाई और स्रोत का पता लगाने के लिए तलाशी जारी है।
कोर्ट परिसर में बम धमकी जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि सुरक्षा बेहतर हो और न्याय व्यवस्था सुचारू रूप से काम करे।
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