ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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26 अगस्त 2025 को वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस की महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान पीएम मोदी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की "भैंस" और "मंगलसूत्र" चुरा लेगी। प्रियंका ने इस बयान का जवाब देते हुए कहा, "मोदी जी ने लोकसभा चुनाव में कहा था कि देशवासियों सावधान हो जाओ, ये कांग्रेस वाले तुम्हारी भैंस चुरा देंगे... अरे हमें क्या पता था ये वोट चुरा रहे थे, भैंस छोड़ो ये तो आपके वोट चुरा लिए..."
प्रियंका गांधी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने भाषण में यह भी जोर दिया कि लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है कि वह अपने मत का प्रयोग स्वतंत्र रूप से करे और किसी भी प्रकार के दबाव या भ्रष्टाचार से बचा रहे। बता दें उनका यह तंज सीधे प्रधानमंत्री पर था, जिसे उन्होंने लोकसभा चुनावों के दौरान विपक्ष के खिलाफ किया गया आरोप बताया।
वोटर अधिकार यात्रा और उसका महत्व
आपको बता दें, प्रियंका गांधी ने इस यात्रा में अपने भाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साथ हिस्सा लिया। यह यात्रा बिहार में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ इंडिया ब्लॉक की ओर से शुरू की गई थी, जिसे विपक्ष ने वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर और "वोट चोरी" का प्रयास करार दिया।
यह 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी, 1 सितंबर 2025 को पटना में एक रैली के साथ समाप्त होगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता को यह याद दिलाना है कि उनके वोट की शक्ति कितनी महत्वपूर्ण है। वही प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब हर नागरिक अपने मत का प्रयोग ईमानदारी और स्वतंत्रता के साथ करता है।
यात्रा के दौरान प्रियंका गांधी ने कई जगह जनता के बीच जाकर उन्हें वोटिंग के अधिकार और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से यह संदेश दिया कि वे अपने मत का प्रयोग करें और लोकतंत्र को मज़बूत बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल वोट देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मतदान के अधिकार का सम्मान करना और ईमानदारी से उसका प्रयोग करना भी ज़रूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष
हालांकि, प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा शुरू हो गई है। बीजेपी समर्थकों ने इसे अपमानजनक और असंवेदनशील करार दिया है, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे जनता के प्रति सचेत करने वाला तंज मान रहे हैं।
बहरहाल, प्रियंका गांधी का यह बयान सिर्फ प्रधानमंत्री पर कटाक्ष नहीं, बल्कि लोकतंत्र में मतदाता के अधिकार की अहमियत को रेखांकित करने वाला संदेश भी है। उन्होंने साफ किया कि वोट हर नागरिक की शक्ति है और इसे सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल करना हर भारतीय का कर्तव्य है। उनके इस अंदाज ने चुनावी राजनीति को एक नया मोड़ दिया है और मतदाता जागरूकता पर ध्यान आकर्षित किया है। वही इस यात्रा और उनके तंज ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में हर आवाज़ महत्वपूर्ण है, और मतदाता का अधिकार सबसे बड़ा हथियार है।
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