ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है। सदन में भाषण के दौरान उन्होंने ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर दिया, जिसे लेकर उनकी आलोचना हो रही है। इस घटना के बाद संसद की मर्यादा और भाषा की शालीनता को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि सनातन पांडेय जब लोकसभा में बोल रहे थे, उसी दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों को लेकर अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल असहज हो गया और कई सांसदों ने इस पर आपत्ति भी जताई।
भाषण के दौरान हुआ विवाद
दरअसल, सनातन पांडेय सदन में विपक्ष की आवाज दबाए जाने का मुद्दा उठा रहे थे। उनका कहना था कि जब भी विपक्ष के नेता अपनी बात रखने की कोशिश करते हैं, तब सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य उन्हें बोलने नहीं देते।
इसी बात पर नाराज होकर वे भावनात्मक हो गए और सत्ता पक्ष के कुछ सांसदों को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल कर बैठे। उनके बयान के बाद सदन में बैठे कई सांसद असहज हो गए। कुछ सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई, जबकि कुछ ने इसे लेकर नाराजगी भी व्यक्त की।
स्पीकर ने दी मर्यादा में रहने की सलाह
विवाद बढ़ता देख लोकसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और सनातन पांडेय को सदन की मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी। स्पीकर ने साफ कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां सभी सदस्यों को शालीन भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। कई नेताओं का कहना है कि संसद में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
कौन हैं सनातन पांडेय?
सनातन पांडेय उत्तर प्रदेश के बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं। उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वे पांच बार विधानसभा चुनाव और दो बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा वे एक बार विधायक भी रह चुके हैं।
सनातन पांडेय बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के पांडेयपुर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने पॉलिटेक्निक से पढ़ाई की और इसके बाद गन्ना विकास परिषद में जूनियर इंजीनियर के पद पर नौकरी की।
नौकरी छोड़कर राजनीति में आए
सनातन पांडेय ने साल 1996 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली। पार्टी नेतृत्व ने समय-समय पर उन पर भरोसा जताया और उन्हें कई चुनावों में मौका दिया।
पहले उन्हें चिलकहर विधानसभा सीट से टिकट मिला, जहां से वे विधायक बने। बाद में परिसीमन के बाद उन्हें रसड़ा सीट से टिकट दिया गया, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
2024 में बने बलिया के सांसद
सनातन पांडेय ने 2019 में बलिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें भाजपा उम्मीदवार से हार मिली थी। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और बलिया से सांसद चुने गए।
अब लोकसभा में उनके हालिया बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही है। संसद में शालीन भाषा के इस्तेमाल को लेकर यह मुद्दा आगे भी चर्चा में रह सकता है।
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