ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अयोध्या में इन दिनों एक धार्मिक विवाद की चर्चा तेज है। इसी बीच तपस्वी पीठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उनका कहना साफ था—किसी पर भी आरोप लगे हों तो फैसला भावनाओं से नहीं, जांच और कानून से होना चाहिए। अगर आरोप सही निकलें तो सजा हो, और अगर आरोप गलत निकलें तो व्यक्ति को सम्मान के साथ बरी किया जाए। इसी लाइन पर उन्होंने पूरे मामले को देखने की अपील की।
“राजनीति का औजार मत बनो”
परमहंस आचार्य ने सबसे बड़ी बात यह कही कि इस विवाद में किसी को भी राजनीतिक दलों का माध्यम नहीं बनना चाहिए। उनका मानना है कि जब धार्मिक मुद्दों पर बयानबाजी राजनीति के रंग में ढलती है, तो असल मुद्दा पीछे छूट जाता है और समाज में टकराव बढ़ता है। उन्होंने इशारों में कहा कि कई दल इस तरह के मामलों को अपने फायदे के लिए हवा देते हैं, लेकिन इससे न तो धर्म का भला होता है और न ही समाज का।
CM योगी पर बयान और “माफी” वाली बात
परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर बोले गए शब्दों की जिम्मेदारी होती है। अगर किसी बात से विवाद पैदा हुआ है या किसी की छवि पर असर पड़ा है, तो उसे स्वीकार करके माफी मांगना गलत नहीं होता। उनका कहना था कि योगी आदित्यनाथ को वे दयालु स्वभाव का मानते हैं, और अगर कोई उनसे क्षमा मांगता है तो वे माफ भी कर सकते हैं। इस बात के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि मुद्दों को अहंकार से नहीं, संयम से सुलझाया जाना चाहिए।
“40 दिन का अल्टीमेटम” क्यों गलत बताया
एक अहम बिंदु 40 दिन वाले अल्टीमेटम पर था। परमहंस आचार्य ने कहा कि सरकार पर किसी तरह का अनैतिक दबाव बनाना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक किसी देश को अचानक एक दिन में “हिंदू राष्ट्र” घोषित नहीं किया जा सकता और उसी तरह किसी एक मांग को तुरंत लागू करना भी व्यवहारिक नहीं होता। कानून, व्यवस्था और प्रक्रिया के हिसाब से ही फैसले होते हैं, और इसमें वक्त लगता है।
आम लोगों के लिए सीख
इस पूरे मामले में एक साधारण बात निकलकर आती है—बड़ा नाम, बड़ा पद या बड़ा मंच हो, बोलने से पहले सोच जरूरी है। परमहंस आचार्य का जोर इसी पर रहा कि मर्यादा बनी रहे, बात तर्क के साथ हो और समाज में तनाव बढ़ाने वाली भाषा से बचा जाए। अयोध्या जैसे संवेदनशील और आस्था वाले शहर में यह संदेश और भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि यहां की हर बात दूर तक असर करती है।
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