ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर दौरे के बाद अब जापान पहुंच चुके हैं। 25 और 26 फरवरी के दो दिवसीय इस दौरे को उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टोक्यो पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके साथ प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है।
टोक्यो में भव्य स्वागत और खास संदेश
मुख्यमंत्री ने टोक्यो एयरपोर्ट पर स्वागत की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने लिखा— “Landed in Tokyo, Japan… उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार…”।
यह संदेश केवल औपचारिक अभिवादन नहीं था, बल्कि भारत और जापान के सांस्कृतिक रिश्तों की झलक भी था। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जापान से निकलने वाली सूर्य की पहली किरण भारत से जुड़ती है और उत्तर प्रदेश उस आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है।
राम और बुद्ध की धरा से जुड़ा जापान
सीएम योगी ने कहा कि भारत भगवान राम और भगवान बुद्ध की पावन भूमि है। उत्तर प्रदेश में कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर और कौशांबी जैसे ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं, जो भगवान बुद्ध से जुड़े हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान राम और भगवान बुद्ध दोनों का संबंध सूर्यवंश परंपरा से है, और सूर्य की पहली किरण जापान में पड़ती है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव के जरिए उन्होंने भारत-जापान संबंधों को और गहराई देने की कोशिश की।
निवेशकों से मुलाकात, औद्योगिक सहयोग पर जोर
टोक्यो में मुख्यमंत्री ने जापान की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने Mitsui & Co. के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर काजुकी शिमिजु और अन्य अधिकारियों से निवेश संभावनाओं पर चर्चा की।
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश के अवसरों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने के लिए तैयार है।
इसके अलावा उन्होंने Konoike Transport Co., Ltd. के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस बैठक में लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कंपनी को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
यूपी: तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है। कभी “बीमारू राज्य” कहे जाने वाला यूपी अब भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
उन्होंने बताया कि भारत की कुल आबादी का बड़ा हिस्सा यानी करीब 25 करोड़ लोग उत्तर प्रदेश में रहते हैं। राज्य में 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जो बड़ी कार्यशक्ति का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत में सस्ता और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध है, जो उद्योगों के लिए फायदेमंद है।
कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि उत्तर प्रदेश में है, जबकि उत्पादन लगभग 25 प्रतिशत तक पहुंचता है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा विस्तार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एक्सप्रेसवे का विशाल नेटवर्क तैयार किया गया है, जो देश में सबसे बड़ा है।
एक्सप्रेसवे के किनारे 27 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य में 16 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं। जल्द ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शुरू होने वाला है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नोएडा एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ जमीन जापानी कंपनियों के लिए आरक्षित की गई है। इससे जापान के निवेशकों को औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने में सुविधा मिलेगी।
भारत-जापान संबंधों को नई दिशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और जापान के संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जापान के साथ साझेदारी इस विकास यात्रा में अहम भूमिका निभा सकती है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भारतीय मूल के लोगों को भी संबोधित करेंगे और अन्य बड़ी कंपनियों से मुलाकात करेंगे। उद्देश्य साफ है—उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक विदेशी निवेश लाकर रोजगार के अवसर बढ़ाना और राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ाना।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का जापान दौरा उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस दौरे से राज्य को कितने ठोस निवेश प्रस्ताव मिलते हैं और आने वाले समय में इसका जमीनी असर कितना दिखता है।
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