ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
झांसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के दौरान मंच पर हुई एक घटना अब चर्चा का विषय बन गई है। कार्यक्रम के दौरान झांसी-प्रयागराज शिक्षक एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी कथित तौर पर सीटिंग व्यवस्था से नाराज हो गए। इसी दौरान उन्होंने मंच पर रखी एक कुर्सी फेंक दी और वहां से चले गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि कुछ देर बाद डॉ. बाबूलाल तिवारी वापस सभागार में लौटे और पीछे की पंक्ति में जाकर बैठ गए। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने भी कार्यक्रम में उचित सीट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।
सीटिंग व्यवस्था को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, दीनदयाल सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान मंच पर सीटिंग व्यवस्था को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के तय सीटिंग प्लान के अनुसार डॉ. बाबूलाल तिवारी की सीट पहली पंक्ति में निर्धारित थी। लेकिन उनकी कुर्सी पर किसी अन्य नेता के बैठ जाने के कारण स्थिति बदल गई। जब उन्होंने अपनी कुर्सी आगे लगाने की कोशिश की, तो सुरक्षा कर्मियों ने कथित तौर पर उन्हें रोक दिया।
इसके बाद वह नाराज हो गए और कुर्सी फेंककर मंच से उतर गए। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने कुर्सी उठाकर दोबारा अपनी जगह पर रख दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय अपने संबोधन में व्यस्त थे और उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
सभागार में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
डॉ. बाबूलाल तिवारी ने दी सफाई
घटना के बाद डॉ. बाबूलाल तिवारी ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह एक शिक्षक और प्रिंसिपल हैं तथा अनुशासन को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से मंच पर पहुंच गए थे, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि जब उन्हें लगा कि बैठने में परेशानी हो रही है तो उन्होंने पीछे बैठने का फैसला किया। बाद में कुछ लोगों ने उन्हें रोकने और समझाने की कोशिश की, लेकिन वह वहां से चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में किसी की जानबूझकर गलती नहीं थी। बड़े आयोजनों में कभी-कभी ऐसी व्यवस्थागत दिक्कतें हो जाती हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष भी हुए नाराज
इस कार्यक्रम में झांसी के जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने भी मंच पर कुर्सी नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जाहिर की। वहीं पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का पूरा आयोजन तय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी और अब पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।
झांसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान हुई यह घटना अब राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि डॉ. बाबूलाल तिवारी ने इसे केवल व्यवस्थागत गड़बड़ी बताया है और किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी स्तर पर इस पूरे मामले को किस तरह देखा जाता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!