ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में फंसे लोगों के पास अपनी जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूदने या पाइप के सहारे नीचे उतरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा। इस हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं।
संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना
संजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लगातार अग्निकांड की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इन घटनाओं को रोकने के बजाय अन्य मुद्दों में व्यस्त दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों तक यह हादसा सुर्खियों में रहेगा, लेकिन समय बीतने के बाद लोग इसे भूल जाएंगे। हालांकि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए यह दर्द जीवनभर रहेगा। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित तीन मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इमारत में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से नीचे कूद गए, जबकि कुछ लोगों ने पाइप और अन्य सहारों की मदद से बाहर निकलने की कोशिश की। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने पीड़ितों से की मुलाकात
हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू पहुंचकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में किसी भी दोषी अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की विस्तृत जांच कराने और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। शुरुआती स्तर पर आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किस वजह से हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
यह हादसा एक बार फिर शहरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित सुरक्षा जांच और नियमों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है।
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