ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद रविवार को उत्तर प्रदेश के शामली पहुंचे, जहां उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट, गौ रक्षा, लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और वित्तीय अनियमितताओं के मामले पर भी सवाल उठाए और कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट पर उठाए सवाल
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं को लेकर कहा कि यदि जांच से जुड़े लोग सीधे उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त कर रहे हैं, तो रिपोर्ट भी उसी दिशा में जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि ट्रस्ट में चोरी या गड़बड़ी के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि कई घटनाएं स्वयं सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कथित तौर पर सीसीटीवी से छेड़छाड़ और आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई जैसे मामलों का भी जिक्र किया।
चंपत राय से मुलाकात न करने पर सीएम की तारीफ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात न करने के फैसले पर उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर आरोप लगे हों तो उससे दूरी बनाए रखना उचित माना जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस कदम को सराहनीय बताया।
नृपेंद्र मिश्रा पर भी साधा निशाना
शंकराचार्य ने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके अतीत को लेकर उनके मन में आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत की कुछ घटनाओं के कारण उन्हें राम मंदिर परिसर में उनकी मौजूदगी स्वीकार नहीं है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौ रक्षा को चुनावी मुद्दा बनाने की अपील
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कोई भी सरकार गौ माता की पूरी तरह रक्षा नहीं कर सकी। उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में ऐसे जनप्रतिनिधियों को वोट दें जो गौ रक्षा को प्राथमिकता दें और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की दिशा में काम करें।
लोकतंत्र और हॉर्स ट्रेडिंग पर चिंता
शंकराचार्य ने देश की राजनीतिक व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति लगातार बनी रही तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कम हो सकता है और भविष्य में नई व्यवस्था की मांग तेज हो सकती है।
आशुतोष महाराज विवाद पर क्या कहा?
शामली से जुड़े एक सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि वह उस विवाद पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के कारण पूरे जिले की छवि प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, शामली की पहचान उसके विद्वानों और सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।
शामली दौरे के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर ट्रस्ट, गौ रक्षा, लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था जैसे कई संवेदनशील विषयों पर अपने विचार रखे। उनके बयानों ने एक बार फिर इन मुद्दों पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। फिलहाल उनके आरोपों और टिप्पणियों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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