ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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राजस्थान के कोटा जिले में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी, जिससे कार सवार उत्तर प्रदेश के चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे युवक बुरी तरह फंस गए।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3:45 बजे चेचट थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस के मुताबिक, युवक उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे। एक्सप्रेसवे पर उनकी ब्रेजा कार तेज रफ्तार में थी और सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी लहराती हुई दिखाई दी। आशंका जताई जा रही है कि ड्राइवर को झपकी आ गई, जिससे कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद चारों युवकों को कार से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
मृतकों की पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवक उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।
श्रेष्ठ बाजपेयी (21)
प्रांजुल चतुर्वेदी (26)
अंकुश दुबे (25) — तीनों कानपुर देहात के रूरा क्षेत्र के निवासी थे।
अंश प्रताप सिंह (20) — गोंडा जिले के धौलपुरवा गांव के रहने वाले थे।
चारों युवक आपस में दोस्त थे और शनिवार को उज्जैन पहुंचे थे। दर्शन के बाद रविवार सुबह वे कानपुर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतकों में प्रांजुल चतुर्वेदी तीन बहनों में इकलौते भाई थे। दो साल पहले उनकी शादी हुई थी और दो महीने पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। वे लखनऊ में बिजली विभाग में संविदा पर काम करते थे। परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। उनके असमय निधन से परिवार सदमे में है।
श्रेष्ठ बाजपेयी अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता एक निजी स्कूल चलाते हैं। श्रेष्ठ पिछले तीन साल से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे थे। वहीं अंकुश दुबे किराए के मकान में रह रहे थे और उनके पिता एक राजनीतिक नेता के ड्राइवर हैं।
हादसे की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत कोटा के लिए रवाना हो गए। चारों शवों को रामगंजमंडी अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखा गया है।
पुलिस की जांच जारी
कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ड्राइवर को झपकी आना हादसे का कारण लग रहा है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के खतरों को उजागर करता है। कुछ सेकंड की चूक चार जिंदगियों पर भारी पड़ गई और चार परिवारों की दुनिया उजड़ गई।
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