ईरान में नए साल पर उबाल: 21 राज्यों तक फैला विरोध, “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे
ईरान में नए साल पर उबाल: 21 राज्यों तक फैला विरोध, “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे
  • Category: विदेश

ईरान में नए साल की शुरुआत इस बार काफी तनाव और डर के माहौल में हुई है। जहां दुनिया के कई देश 1 जनवरी को जश्न और उम्मीद के साथ देखते हैं, वहीं ईरान की सड़कों पर गुस्सा और बेचैनी दिखाई दे रही है। खबरों के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ हजारों लोग और छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगहों पर नारेबाजी के साथ-साथ हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों के बीच सत्ता को लेकर नाराज़गी काफी बढ़ गई है। इसी वजह से “सत्ता परिवर्तन” यानी सरकार के ढांचे में बदलाव की मांग भी उठती दिख रही है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन सिर्फ एक-दो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि करीब 21 राज्यों में विरोध की आग फैल चुकी है। यही बात इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बनाती है, क्योंकि जब विरोध बड़े इलाके में फैलता है तो उसे कंट्रोल करना प्रशासन के लिए भी मुश्किल हो जाता है।

सड़कों पर उतरे छात्र और आम लोग

इस विरोध की एक खास बात यह भी बताई गई है कि इसमें छात्रों की संख्या काफी है। कई जगहों पर हजारों लोग सड़कों पर उतरकर नारे लगा रहे हैं। जब किसी देश में छात्र बड़ी संख्या में सड़क पर आते हैं, तो इसका मतलब अक्सर यही होता है कि लोगों के अंदर का दबा हुआ गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीका माना जाता है, लेकिन जब वही प्रदर्शन हिंसा में बदल जाए तो हालात बहुत तेजी से बिगड़ते हैं।

तानाशाह मुर्दाबाद” और “डेथ टू डिक्टेटर” के नारे

रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदर्शन के दौरान “तानाशाह मुर्दाबाद” और “डेथ टू डिक्टेटर” जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। ये नारे दिखाते हैं कि लोगों का गुस्सा सिर्फ किसी नीति या किसी फैसले तक नहीं है, बल्कि सीधे सत्ता के केंद्र पर है। यही वजह है कि विरोध का स्वर काफी तीखा नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से खामेनेई के लिए “मौत की सजा” जैसी मांग भी सामने आने की बात कही गई है।

हिंसा में मौतें, सुरक्षा बल का जवान भी मारा गया

विरोध प्रदर्शनों के साथ हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिन प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, सुरक्षा बल का एक जवान भी मारा गया है। जब किसी भी आंदोलन में जानें जाती हैं—चाहे प्रदर्शनकारियों की या सुरक्षा बल की—तो तनाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी घटनाओं के बाद आम तौर पर प्रशासन और सख्ती करता है, और फिर टकराव का खतरा बढ़ जाता है।

21 राज्यों में हालात: क्यों बढ़ी चिंता?

रिपोर्ट में जिस तरह 21 राज्यों में विरोध और हिंसा की बात कही गई है, उससे साफ है कि मामला स्थानीय नहीं रहा। ईरान जैसे देश में, जहां प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त मानी जाती है, वहां इतने बड़े क्षेत्र में एक साथ विरोध का फैलना बड़ी घटना है। इसका असर लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है—जैसे बाजार बंद होना, ट्रैफिक प्रभावित होना, इंटरनेट या मोबाइल सेवाओं में दिक्कत, और सामान्य डर का माहौल बन जाना। हालांकि, इस रिपोर्ट में इन सभी चीजों का अलग से ब्यौरा नहीं दिया गया है, लेकिन बड़े आंदोलनों में ऐसा अक्सर देखने को मिलता है।

लोग सड़क पर क्यों आए

रिपोर्ट में “सत्ता परिवर्तन” की मांग का जिक्र है, जो बताता है कि लोगों की नाराज़गी गहरी है। आमतौर पर किसी भी देश में जब लोग सत्ता परिवर्तन की बात करने लगते हैं, तो इसके पीछे कई कारण एक साथ हो सकते हैं—जैसे लंबे समय से दबा असंतोष, आर्थिक दबाव, बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक आज़ादी को लेकर गुस्सा, या राजनीतिक फैसलों से नाराज़गी। इस खबर में कारणों की पूरी लिस्ट नहीं दी गई है, लेकिन इतना साफ है कि गुस्सा अब बड़े स्तर पर बाहर आ चुका है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती

ऐसे हालात में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती “कानून-व्यवस्था” को संभालने की होती है। अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे तो बातचीत और समाधान की गुंजाइश रहती है। लेकिन जब हिंसा होती है, मौतें होती हैं और सुरक्षा बल भी निशाने पर आते हैं, तो दोनों तरफ का भरोसा टूटने लगता है। इसके बाद माहौल जल्दी शांत होना मुश्किल हो जाता है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खबर अपडेट की जा रही है, यानी स्थिति बदल रही है और आगे और जानकारी सामने आ सकती है। ऐसे मामलों में अक्सर आने वाले दिनों में दो चीजें देखने को मिलती हैं—या तो प्रदर्शन और तेज हो जाते हैं, या फिर सख्ती के चलते कुछ जगहों पर आंदोलन दब जाता है। कई बार विरोध का स्वर भी बदलता है—कहीं शांत मार्च होता है तो कहीं टकराव। इसलिए आने वाले अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी है।

आम लोगों के लिए इसका मतलब

ईरान के अंदर रहने वाले आम लोगों के लिए ऐसी स्थिति सबसे ज्यादा मुश्किल होती है। जब सड़कों पर हिंसा हो, तनाव हो, और सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ जाए, तो रोज़मर्रा का काम—स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, दुकान—सब प्रभावित होते हैं। इसके साथ ही डर भी बना रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। प्रदर्शन करने वाले लोग अपनी मांगों के साथ उतरते हैं, लेकिन कई बार हालात बिगड़ने पर नुकसान आम नागरिकों को भी उठाना पड़ता है।

दुनिया की नजर ईरान पर

ईरान मध्य पूर्व का अहम देश है, इसलिए वहां की अंदरूनी हलचल का असर क्षेत्रीय राजनीति और दुनिया की खबरों पर भी पड़ता है। जब वहां इतने बड़े स्तर पर विरोध और हिंसा की खबर आती है, तो अंतरराष्ट्रीय मीडिया, दूसरे देश और कूटनीतिक हलकों की नजर भी उस पर टिक जाती है। फिलहाल इस रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं का जिक्र नहीं है, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए आगे इस पर और बातें सामने आ सकती हैं।

निष्कर्ष जैसा नहीं, बस एक साफ बात

अभी जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक नए साल की शुरुआत पर ईरान में हालात काफी खराब बताए जा रहे हैं। 21 राज्यों में विरोध और हिंसा, “तानाशाह मुर्दाबाद” जैसे नारे, कई मौतें और एक सुरक्षा बल जवान के मारे जाने की खबर—ये सब मिलकर बताते हैं कि मामला काफी संवेदनशील है। आने वाले समय में जैसे-जैसे अपडेट आएंगे, तस्वीर और साफ होगी कि यह विरोध किस दिशा में जा रहा है और स्थिति कितनी जल्दी सामान्य हो पाती है।

  • Share:

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

SEARCH
LATEST NEWS
  • फ्लाइट में भूलकर भी न लें साथ ये चीज, नहीं तो सुरक्षा को होगा गंभीर खतरा

    Jan 06, 2026

    Read More
    फ्लाइट में भूलकर भी न लें साथ ये चीज, नहीं तो सुरक्षा को होगा गंभीर खतरा
  • 14 साल के वैभव सूर्यवंशी की 19-बॉल पर फिफ्टी, भारत ने साउथ अफ्रीका अंडर-19 को हराया

    Jan 06, 2026

    Read More
    14 साल के वैभव सूर्यवंशी की 19-बॉल पर फिफ्टी, भारत ने साउथ अफ्रीका अंडर-19 को हराया
  • ग्रेटर नोएडा सड़क विवाद में युवकों की पिटाई, हरकेश की मौत, मोहित गंभीर

    Jan 06, 2026

    Read More
    ग्रेटर नोएडा सड़क विवाद में युवकों की पिटाई, हरकेश की मौत, मोहित गंभीर
  • गाजियाबाद मौसम अपडेट: 6.9℃ तापमान, हल्का कोहरा और तेज सर्द हवाएं

    Jan 06, 2026

    Read More
    गाजियाबाद मौसम अपडेट: 6.9℃ तापमान, हल्का कोहरा और तेज सर्द हवाएं
  • सुधा चंद्रन वीडियो वायरल: माता की चौकी में भक्ति के दौरान हुई ट्रोलिंग, एक्ट्रेस बोली- मुझे फर्क नहीं

    Jan 06, 2026

    Read More
    सुधा चंद्रन वीडियो वायरल: माता की चौकी में भक्ति के दौरान हुई ट्रोलिंग, एक्ट्रेस बोली- मुझे फर्क नहीं
  • यूपी पुलिस भर्ती 2026: आयु सीमा में 3 साल की छूट, CM योगी ने दी जानकारी

    Jan 06, 2026

    Read More
    यूपी पुलिस भर्ती 2026: आयु सीमा में 3 साल की छूट, CM योगी ने दी जानकारी
Related To this topic

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 1h ago
Pahalgam Attack | PM Modi का एक एक्शन और Pakistan में मच गया हाहाकार
YouTube Video
Newsest | 1h ago
पाकिस्तान में फंसे BSF जवान पूर्णव साव: प्रेग्नेंट पत्नी की चीख, सरकार से मांगी मदद!‪@newsesthindi‬
YouTube Video
Newsest | 1h ago
क्या सच में सरकार ने पेगासस से जासूसी कराई ! सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
YouTube Video
Newsest | 1h ago
क्या सच में सरकार ने पेगासस से जासूसी कराई ! सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
YouTube Video
Newsest | 1h ago
"One Missile vs Fifty"? Pahalgam हमले पर पाकिस्तान की गीदड़भभकी। | Newsest | In Hindi
YouTube Video
Newsest | 1h ago
Pahalgam Attack: कब और कैसे भारत लेगा बदला? | Newsest | In Hindi|
YouTube Video
Newsest | 1h ago
Pahalgam Attack | आतंकियों ने नाम पूछकर सिर में मारी गोली | Newsest Hindih |
YouTube Video
Newsest | 1h ago
आज की दो बड़ी खबरें Newsest के साथ | @newsesthindih |
YouTube Video
Newsest | 1h ago
देश की 10 बड़ी ताज़ा खबरें | Top 10 Breaking Newsh |
YouTube Video
Newsest | 1h ago
आज की पांच बड़ी खबरें Newsest के साथ |
YouTube Video
Newsest | 1h ago
आज की ताज़ा तीन खबरे|
YouTube Video
Newsest | 1h ago
महाकुंभ 2025 के रहस्य | Thakur Jaiveer Singh |
YouTube Video
Newsest | 1h ago
Kancha Gachibowli उजड़ा! | पूरी सच्चाई जानें
YouTube Video
Newsest | 1h ago
आज की ताज़ा तीन खबरें |
YouTube Video
Newsest | 1h ago
आज की पांच बड़ी खबरें Newsest के साथ
YouTube Video
Newsest | 1h ago
Newsest Hindi Podcast (Episode - 1)
YouTube Video
Newsest | 1h ago
महाकुंभ के अनसुने सच ! | Thakur Jaiveer singh | ‪@newsesthindi‬ पॉडकास्ट | एपिसोड-2
YouTube Video
Newsest | 1h ago
न्यूज़ेस्ट - ख़बरों का नया चेहरा
YouTube Video
Newsest | 1h ago
Promo : The Secrets of नोएडा