ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और संयम बरतने की अपील के बावजूद ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में युद्ध की आशंकाएं फिर से तेज हो गई हैं। इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि उसकी वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरें सामने आई हैं।
तेहरान सहित कई शहरों में सुनाई दिए धमाके
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी तेहरान, इस्फहान और तबरीज में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और कई संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने तेहरान स्थित इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इससे कई उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
ट्रंप ने नेतन्याहू से की थी बातचीत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने कथित तौर पर इजरायल को ईरान पर जवाबी कार्रवाई करने से बचने और तनाव कम करने की सलाह दी थी। हालांकि इसके बावजूद इजरायल ने सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया। इससे यह संकेत मिलता है कि इजरायल अपनी सुरक्षा चिंताओं को लेकर स्वतंत्र रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
ईरान ने पहले किया था मिसाइल हमला
इस ताजा घटनाक्रम की शुरुआत ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमला करने के बाद हुई। बताया जा रहा है कि अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह पहला मौका था जब ईरान ने सीधे इजरायल को निशाना बनाया। ईरान का आरोप था कि युद्धविराम के बावजूद इजरायल लगातार लेबनान में सैन्य कार्रवाई कर रहा था। विशेष रूप से बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हुए हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसी चेतावनी के बाद ईरान ने मिसाइल हमला किया और अब इजरायल ने उसके जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया है।
शांति प्रयासों को झटका
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियां लंबे समय से संघर्ष को नियंत्रित करने और स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन हालिया घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यदि दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते हैं तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप भी ले सकता है।
दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर
इजरायल और ईरान के बीच तनाव केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इसके प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल दुनिया की नजरें दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि हालिया हमले केवल सीमित जवाबी कार्रवाई थे या फिर क्षेत्र एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है।
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