ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजियाबाद के कौशांबी थाना पुलिस ने एक बड़े ISI जासूस नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे छह जासूसों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है और इनसे पूछताछ चल रही है। इस जासूसी में भारतीय खुफिया एजेंसियां IB, यूपी ATS और दिल्ली स्पेशल सेल एक साथ काम कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बड़े शहरों में दिल्ली धमाके जैसी घटनाओं की योजना बना रहे थे। गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने 14 और लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे आगे की जांच जारी है।
मास्टरमाइंड सुहेल और महिला साजिशकर्ता महक
जासूसों के नेटवर्क का मास्टरमाइंड मेरठ का रहने वाला सुहेल मलिक है, जबकि संभल की रहने वाली साने करम उर्फ महक महिला मास्टरमाइंड मानी जा रही हैं। इनके अलावा प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिव वाल्मीकि और ऋतिक गंगवार भी इस गिरोह का हिस्सा थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह सभी आरोपियों ने देश के विभिन्न जिलों में सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी पाकिस्तान भेजी।
हाईटेक CCTV कैमरों के जरिए जासूसी
पुलिस ने खुलासा किया कि आरोपियों ने दिल्ली से हाईटेक CCTV कैमरे खरीदे और उन्हें अंबाला, सोनीपत, दिल्ली कैंट, गाजियाबाद और अन्य रेलवे स्टेशन तथा सैन्य ठिकानों के आसपास चोरी-छिपे इंस्टॉल किया। आरोपियों ने इन कैमरों का एक्सेस अपने मोबाइल फोन में रखकर 24 घंटे निगरानी की। इसके बाद सभी वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजी गईं।
हर फोटो और वीडियो के बदले भुगतान
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को हर फोटो और वीडियो के बदले 3,000 से 8,000 रुपए मिलते थे। यह पैसा उनके फेक अकाउंट में भेजा जाता था। सुहेल और महक नेटवर्क के सभी वित्तीय और तकनीकी खर्चों का प्रबंधन कर रहे थे।
आरोपियों के पास से जब्त उपकरण
जांच के दौरान आरोपियों के पास से कई महंगे मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और अन्य जासूसी उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड और हाईटेक उपकरणों के जरिए एक मजबूत और सुरक्षित नेटवर्क तैयार किया था।
बड़े शहरों में आतंकी हमलों की योजना
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने दिल्ली, गाजियाबाद, अंबाला, सोनीपत और अन्य शहरों में बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाई थी। इनके द्वारा भेजी गई वीडियो और फोटो पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भेजी जाती थी, ताकि वह इन ठिकानों पर हमले के लिए रणनीति बना सकें।
जांच एजेंसियों की तेजी
इस मामले में यूपी ATS, NIA, दिल्ली स्पेशल सेल और IB पूरी तरह सक्रिय हैं। उन्होंने पुणे, अंबाला, पंजाब और चंडीगढ़ में भी रेड की है। जांच जारी है और अन्य सहयोगी जासूसों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट
इस गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान की ISI भारत में सक्रिय है और संवेदनशील ठिकानों की लगातार जासूसी कर रही है। राज्य और केंद्र सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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