ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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2025 के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक, अहमदाबाद विमान दुर्घटना अब एक बड़े तकनीकी विवाद में बदल चुका है। अमेरिका के एक विमानन सुरक्षा समूह Foundation for Aviation Safety (FAS) ने दावा किया है कि Air India के Boeing 787‑8 Dreamliner विमान में लंबे समय से गंभीर तकनीकी खराबियां रहीं, जो हादसे की दिशा बदल सकती थीं।
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन की ओर उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में जहाज़ पर सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी और 19 लोगों की मौत ग्राउंड पर भी हुई थी। केवल 1 यात्री ज़िंदा बच पाया था।
Boeing 787 की शुरुआत से ही तकनीकी समस्याएं
FAS की रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान VT‑ANB को 2011 के अंत में कारखाने से निकाला गया था, उसके बाद दिसंबर 2013 में पहली उड़ान भरी और 28 जनवरी 2014 को Air India को सौंपा गया। उसी दिन से विमान में सिस्टम से जुड़ी खराबी शुरू हो गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, विमान में बार‑बार होती इलेक्ट्रिकल समस्याएं, सर्किट ब्रेकर का ट्रिप होना, वायरिंग को नुकसान, सिस्टम का शॉर्ट सर्किट होना, बिजली की आपूर्ति का अचानक कट जाना और पावर सिस्टम कंपोनेंट्स का ओवरहीट होना जैसी तकनीकी खामियां थीं।
2022 के घटनाक्रम – तकनीकी समस्याओं की पुष्टि
FAS ने अपने दस्तावेज़ में कुछ गंभीर उदाहरण भी दिए हैं:
• जनवरी 2022 में P100 पावर पैनल में आग:
रिपोर्ट में बताया गया कि विमान के प्रमुख पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट P100 में आग लगने से व्यापक नुकसान हुआ था और पूरे पैनल को बदलना पड़ा।
• अप्रैल 2022 में लैंडिंग गियर इश्यू:
लैंडिंग गियर संकेत प्रणाली में खराबी के कारण विमान को कुछ समय के लिए ग्राउंड किया गया और कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट बदले गए।
इसके अलावा FAS का दावा है कि ऐसी ही इलेक्ट्रिकल सिस्टम खराबियां Air India के अन्य Boeing 787 विमानों तथा अन्य देशों में रजिस्टर्ड 787 विमानों में भी देखी गई हैं।
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट और पायलट पर लगाये गए आरोप
बाद में विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में मुख्य रूप से पायलट के निर्णयों की ओर इशारा किया गया था।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजनों की फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पर चले जाने के कारण दोनों इंजन बंद हो गए थे। इससे विमान पूरी तरह पावर खो बैठा और गिर गया। ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग में पायलटों के बीच यह बातचीत भी रिकॉर्ड हुई कि एक पायलट ने पूछा, “तुमने कट‑ऑफ क्यों किया?” और दूसरे ने कहा “मैंने नहीं किया।” इससे यह सवाल उठता है कि क्या इससे पहले कोई तकनीकी खराबी हुई थी या पायलट की गलती हुई।
FAS का Boeing और जांच एजेंसियों पर आरोप
FAS ने यह भी आरोप लगाया है कि Boeing, Air India और भारतीय अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को छिपाया है। समूह ने अमेरिकी अधिकारियों से आपराधिक जांच की भी मांग की है। वे जहाज़ की व्यापक तकनीकी बीमारियों को दुनिया भर में कम आँकने वाला बताते हैं और कहते हैं कि विमान के ऊँचे खर्च और देरी के बावजूद कई गंभीर तकनीकी खतरे अनसुलझे रह गए। FAS ने कहा है कि उनके पास आने वाली रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि Boeing 787 प्रोग्राम समय से तीन साल पीछे था और अरबों डॉलर से अधिक खर्च हो चुका था।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की जांच
हादसे के बाद भारत के DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने Boeing 787‑8/9 बेड़े की सुरक्षा जांच का आदेश दिया था। इसमें फ्यूल पैरामीटर सिस्टम, टेकऑफ मानकों और अन्य सुरक्षा पहलुओं का कड़ा मूल्यांकन शामिल है। इस जांच का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि Boeing 787 Dreamliner के अन्य विमानों में किसी तरह की सुरक्षा कमी न हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
क्या तकनीकी खराबी मामले की वजह थी? विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कुछ विमानन विशेषज्ञों ने कहा है कि Boeing 787 Dreamliner मूल रूप से एक भरोसेमंद विमान है। उन्होंने सुझाव दिया कि घटना में टेक्निकल फेल्यर सहित कई पहलुओं की जांच होनी चाहिए, जैसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की सख्ती और फ्यूल कंट्रोल सिस्टम का व्यवहार। लेकिन FAS के दावे ने इस घटनाक्रम को एक नई दिशा दे दी है, जहां तकनीकी दोष दुर्घटना के मुख्य कारण साबित हो सकते हैं न कि केवल पायलट की गलती।
परिवारों और यात्रियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में
अहमदाबाद विमान हादसे में 260 से ज़्यादा लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पीड़ित परिवार अब तक न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यदि तकनीकी खराबियों का इतिहास सही साबित होता है, तो यह विमान सुरक्षा के नियमों और रख‑रखाव की प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर देगा।
Boeing और Air India की प्रतिक्रिया
Boeing की तरफ से कहा गया है कि वे AAIB की जांच के निर्णय का इंतजार करेंगे और संयुक्त राष्ट्र नागरिक उड्डयन संगठन के प्रोटोकॉल Annex 13 का पालन करेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है और Air India ने भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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