ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने 130वें संविधान संशोधन विधेयक, उपराष्ट्रपति चुनाव और विपक्षी दलों के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया। शाह ने विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कुछ नेता चाहते हैं कि जेल से ही सरकार चलती रहे। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में ऐसा संभव नहीं है।
विपक्ष को घेरा
गृह मंत्री ने बताया कि विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है क्योंकि उन्हें डर है कि भविष्य में अगर उनके नेता जेल चले गए, तो वहां से सरकार नहीं चला पाएंगे। शाह ने तंज कसते हुए कहा, "वे चाहते हैं कि जेल को ही सीएम हाउस, पीएम हाउस बना दिया जाए और जेल से ही मुख्य सचिव या गृह सचिव आदेश लें। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।"
शाह ने भरोसा जताया कि कांग्रेस पार्टी के कई नेता इस बिल का समर्थन करेंगे और यह आसानी से पास हो जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि जब उन्होंने लालू यादव को बचाने के लिए लाए गए अध्यादेश को फाड़ दिया था, तब उनकी नैतिकता कहां थी और आज क्यों गायब है?
धनखड़ के इस्तीफे पर विपक्ष को नसीहत
वही पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए शाह ने कहा कि धनखड़ जी ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। यह उनका निजी फैसला है और इसे अनावश्यक विवाद का रूप नहीं देना चाहिए।
केजरीवाल का उदाहरण
बता दें, गृह मंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि अगर यह नया कानून पहले से लागू होता, तो उन्हें जेल जाने के बाद तुरंत इस्तीफा देना पड़ता। शाह ने बताया कि तब सुप्रीम कोर्ट के कहने पर ही केजरीवाल ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में शामिल नहीं होना चाहता, जबकि जनता सब कुछ देख रही है।
उपराष्ट्रपति चुनाव पर टिप्पणी
विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी पर बोलते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने सलवा जुडूम का विरोध कर आदिवासियों के आत्मरक्षा अधिकार को कमजोर किया। इसका नतीजा यह हुआ कि नक्सलवाद लंबे समय तक देश में जड़ जमाता रहा। शाह ने तंज कसा कि वामपंथी विचारधारा ही उन्हें उम्मीदवार चुनने का असली आधार रही होगी।
संसद में CISF की तैनाती का कारण
संसद के अंदर CISF की तैनाती पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि मार्शल या सुरक्षा बल तभी सदन में प्रवेश करते हैं जब अध्यक्ष आदेश देते हैं। यह कदम उस बड़ी घटना के बाद उठाया गया, जब कुछ लोगों ने संसद के भीतर स्प्रे किया था। शाह ने कहा कि विपक्ष केवल बहाने खोज रहा है और जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
बहरहाल, अमित शाह ने अपने इंटरव्यू में साफ किया कि सरकार किसी भी हाल में लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी। उनका कहना था कि विपक्ष सिर्फ सत्ता की राजनीति कर रहा है, जबकि जनता सब देख रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 130वां संविधान संशोधन विधेयक आसानी से पास होगा और इससे लोकतंत्र और मजबूत बनेगा।
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