ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गोवा के चर्चित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब अग्निकांड मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को थाईलैंड में हिरासत में ले लिया गया है। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद से दोनों भाई फरार चल रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इंटरपोल ने जारी किया था ब्लू कॉर्नर नोटिस
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, लूथरा बंधुओं के खिलाफ इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का उद्देश्य संदिग्धों के ठिकाने का पता लगाना और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना होता है। नोटिस जारी होने के बाद ही उनकी थाईलैंड में हिरासत की खबर सामने आई।
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने दोनों भाइयों के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए थे, जिससे उनके मूवमेंट को सीमित किया जा सके।
वकील का दावा—व्यापारिक बैठक के लिए गए थे थाईलैंड
बुधवार (10 दिसंबर 2025) को ट्रांजिट अग्रिम जमानत की सुनवाई के दौरान लूथरा बंधुओं की ओर से पेश वकील ने अदालत में कई दलीलें पेश कीं। वकील ने उनके फरार होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों भाई व्यापारिक बैठक के लिए थाईलैंड गए थे। उन्होंने तर्क दिया कि उन पर किसी भी प्रकार की कानूनी जिम्मेदारी नहीं बनती—न सीधे, न ही अप्रत्यक्ष रूप से।
वकील ने यह भी कहा कि प्रशासन और मीडिया दोनों उनके पीछे पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके अन्य रेस्तरां भी ध्वस्त कर दिए गए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
गोवा पुलिस ने किया दावों का विरोध
गोवा पुलिस ने वकील के सभी दावों का कड़ा विरोध किया। पुलिस की ओर से पेश वकील ने बताया कि लूथरा बंधुओं के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए गए हैं और आग लगने की घटना के तुरंत बाद दोनों देश से भाग गए।
पुलिस ने अदालत को बताया कि जब 8 दिसंबर को अधिकारी उनके घर पहुंचे, तो परिवार ने उनके ठिकाने की जानकारी देने से इंकार कर दिया। इन तथ्यों के आधार पर अदालत से अंतरिम संरक्षण (interim protection) न देने की मांग की गई। कोर्ट ने गोवा सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे।
ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई
रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना इस मामले की सुनवाई कर रही हैं। कोर्ट ने गोवा पुलिस से पूरा जवाब मांगा है और अगली सुनवाई आज (11 दिसंबर 2025) निर्धारित की गई है।
अदालत में यह भी बताया गया कि आग लगने वाली उसी रात लूथरा बंधुओं ने थाईलैंड की फ्लाइट बुक की थी और अगली सुबह देश छोड़ दिया। इसके बाद से ही दोनों पुलिस की पकड़ से दूर थे।
मामले में आगे क्या?
थाईलैंड में हिरासत के बाद अब दोनों को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे मामलों में आमतौर पर इंटरपोल, भारतीय दूतावास और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय के बाद आरोपी को भारत लाया जाता है।
अग्निकांड मामले में पहले ही 6 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच एजेंसियां अब क्लब मालिकों की भूमिका, लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच कर रही हैं। इस घटना ने गोवा की नाइटलाइफ़ इंडस्ट्री और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं।
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