ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना में शामिल होने वाली नई बटालियनों और बैटरियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आधुनिक युद्ध योग्यताओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए नई संरचनाएँ और बलों को शामिल कर रहा है। इस कदम से सेना की मारक क्षमता और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता और बढ़ेगी।
भैरव और शक्ति बाण बटालियंस की भूमिका
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना में कुल 25 भैरव बटालियनों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही शक्ति बाण की 15 बटालियनों को प्रारंभिक चरण में सेना में लाया जाएगा, और बाद में 11 और शक्ति बाण बटालियनों को भी शामिल किया जाएगा। इन बटालियनों का उद्देश्य आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों से लैस होकर सीमा पर तेज़ और निर्णायक कार्रवाई करना है।
भैरव बटालियनों को खास तौर पर लाइट कमांडो इकाइयों की तरह तैयार किया जा रहा है, जिससे वे पारंपरिक इन्फैंट्री और विशेष बलों के बीच की रिक्ति को भर सकें और ज़रूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई कर सकें। ऐसे बलों की भूमिका सीमापार आतंकवाद, छोटी-सीमराओं पर त्वरित हमले और उच्च रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाने में महत्वपूर्ण होगी।
दिव्यास्त्र बैटरियाँ और आर्टिलरी समर्थन
सेना प्रमुख ने यह भी बताया कि 34 दिव्यास्त्र बैटरियों को भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा। यह बैटरियाँ आर्टिलरी रेजिमेंट का हिस्सा रहेंगी और किसी भी निर्देशित क्षेत्राधिकार वाले कमांडर को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करेंगी। दिव्यास्त्र बैटरियों में आधुनिक UAS (Unmanned Aerial System) उपकरण और मशीनों का उपयोग होगा, जिससे ड्रोन और अन्य हवाई लक्ष्यों का सामना करने की क्षमता बेहतर होगी।
शक्ति बाण और दिव्यास्त्र का संयोजन सीमा पर विस्तृत और गहन सुरक्षा कवच तैयार करने में सहायता करेगा, विशेष रूप से चीन और पाकिस्तान जैसे प्रतिकूल इलाकों में संभावित चुनौतियों का सामना करते समय।
रुद्र ब्रिगेड का विस्तार
जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि रुद्र ब्रिगेड में अन्य चरणों में 7 और बटालियन शामिल की जाएंगी। पहले से ही दो रुद्र बटालियन भारतीय सेना में हैं, और अब दूसरे चरण में चार और बटालियनों को कमीशन किया जाएगा। यह विस्तार भारतीय सेना की युद्ध क्षमता और बहुआयामी आपरेशन संचालन को मजबूती देगा।
ऑपरेशन सिंदूर अनुभव और रणनीति
सेना प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि इसे सटीक निर्णायक कदमों की वजह से सीमा‑पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीतिक तैयारी, निर्णय क्षमता और कौशल स्पष्ट हुआ। ऑपरेशन के दौरान सेना ने आतंकवादी ठिकानों पर तेज़ और सटीक हमला किया, जिससे रणनीतिक लाभ मिला।
आधुनिक और भविष्य‑तैयार भारतीय सेना
इन नई बटालियनों और बैटरियों के शामिल होने से भारतीय सेना अधिक तकनीकी सक्षम, रणनीतिक रूप से सुदृढ़, और नए युद्ध परिदृश्यों से निपटने में अधिक प्रभावी बनती जा रही है। यह बदलाव न केवल सीमाओं की रक्षा को मजबूती देगा, बल्कि भारत की रक्षा क्षमता को भविष्य में भी अधिक अग्रणी बनाएगा।
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