ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
बुधवार सुबह महाराष्ट्र से आई एक खबर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। बारामती के पास एक प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार सवार थे। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत कई लोगों की मौत होने की पुष्टि की गई, जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक शोक की लहर दौड़ गई।
यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल गया और देखते ही देखते पूरा विमान आग के गोले में बदल गया।
चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे अजित पवार
हादसे के वक्त अजित पवार अपने गृह क्षेत्र पुणे जिले के बारामती जा रहे थे। वहां जिला परिषद चुनाव से पहले उनकी कई जनसभाएं तय थीं। 5 फरवरी को होने वाले इन चुनावों के लिए वे लगातार मीटिंग और प्रचार कार्यक्रम कर रहे थे। बताया गया कि वे आज भी चार जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक प्राइवेट कंपनी का चार्टर्ड प्लेन था, जिसे मुंबई से बारामती के लिए बुक किया गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान में कुल छह लोग सवार थे और हादसे के बाद किसी के भी बचने की खबर नहीं है।
मुंबई से उड़ान, कुछ ही मिनटों में हादसा
फ्लाइट से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, यह विमान सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से उड़ा था और इसे लगभग 8:50 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करना था। यानी उड़ान भरने के करीब 40 मिनट बाद ही यह बड़ा हादसा हो गया।
बताया गया कि लियर जेट 45 विमान (VT-SSK) जैसे ही बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था, वह रनवे से फिसल गया और टकराते ही उसमें आग लग गई। देखते ही देखते पूरा विमान जलकर खाक हो गया।
हादसा अचानक इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। राहत और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक विमान बुरी तरह जल चुका था।
पांच से छह लोगों की मौत की पुष्टि
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआती जानकारी में कहा गया कि प्लेन क्रैश में कुल पांच लोगों की मौत हुई है, जिसमें अजित पवार भी शामिल थे।
बाद में सामने आई जानकारी में यह भी बताया गया कि विमान में कुल छह लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, कई शवों को अस्पताल भेजा गया, जिनकी पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
पुणे के पुलिस अधीक्षक संदीप गिल ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद तीन शव बरामद किए गए थे और बाद में बाकी शवों को भी बाहर निकाला गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
एयरपोर्ट मैनेजर की बड़ी जानकारी
बारामती एयरपोर्ट के मैनेजर शिवाजी तावड़े ने हादसे के बारे में अहम जानकारी दी। उनके अनुसार, विमान लैंडिंग की कोशिश में था, तभी वह रनवे से किनारे चला गया और जोरदार टक्कर के बाद उसमें विस्फोट हो गया।
यह भी बताया गया कि यह वही चार्टर्ड लियर जेट 45 विमान था, जिसे मुंबई से इस उड़ान के लिए लिया गया था। हादसे के बाद विमान का मलबा चारों तरफ बिखर गया और आग इतनी तेज थी कि उसे काबू में करने में भी समय लगा।
हाल ही में बदला था एयरपोर्ट का संचालन
एक अहम बात यह भी सामने आई कि बारामती एयरपोर्ट का संचालन हाल ही में बदला गया था। पहले यह एक निजी कंपनी के पास था, लेकिन कुछ समय पहले ही इसका जिम्मा महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी को सौंपा गया।
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या लैंडिंग के दौरान कोई और दिक्कत आई। जांच एजेंसियां इस पूरी घटना की विस्तृत जांच कर रही हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने भी हादसे पर रिपोर्ट मांगी है।
हादसे से पहले की सोशल मीडिया पोस्ट
हादसे की दर्दनाक बात यह भी है कि प्लेन क्रैश से करीब आधे घंटे पहले ही अजित पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। उन्होंने इस पोस्ट में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाला लाजपत राय को याद किया था।
ऐसा माना जा रहा है कि वे सामान्य कार्यक्रम और चुनाव प्रचार के मूड में थे, किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही समय बाद ऐसी दुखद खबर आ जाएगी। यह बात उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं को और भी भावुक कर रही है।
महाराष्ट्र से दिल्ली तक शोक की लहर
जैसे ही प्लेन क्रैश की खबर फैली, पूरा महाराष्ट्र सदमे में आ गया। राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कई नेताओं ने इस घटना पर दुख जताया और इसे राज्य की बड़ी क्षति बताया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना का बड़ा असर दिखा। देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस हादसे पर चिंता और शोक व्यक्त किया।
शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलते ही देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य के मुखिया से फोन पर बात कर पूरी घटना के बारे में जानकारी ली। फोन पर हुई इस बातचीत में उन्होंने हालात की पूरी ब्रीफिंग ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
राज्य सरकार की ओर से भी आधिकारिक रूप से बताया गया कि विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री और उनके साथ मौजूद लोगों की मौत हो चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पूरे राज्य में शोक संदेशों की बाढ़ आ गई।
समर्थकों और कार्यकर्ताओं में मायूसी
अजित पवार लंबे समय से अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता थे। वे सिर्फ राजनीतिक चेहरे नहीं, बल्कि अपने इलाके में विकास के मुद्दों पर सक्रिय नेता माने जाते थे।
जिला परिषद चुनाव से पहले उनके इस तरह अचानक चले जाने की खबर ने समर्थकों को तोड़ कर रख दिया। कई जगहों पर कार्यकर्ता रोते-बिलखते नजर आए। बारामती, पुणे और आसपास के इलाकों में माहौल गमगीन हो गया।
जांच पर सबकी नजर
फिलहाल हादसे के कारणों पर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह सिर्फ टेक्निकल फॉल्ट था? क्या लैंडिंग के दौरान कोई चूक हुई? क्या मौसम या रनवे की स्थिति ने इसमें भूमिका निभाई? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
विमानन विभाग और संबंधित एजेंसियों ने टेक्निकल जांच शुरू कर दी है। ब्लैक बॉक्स और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आखिरी पलों में विमान में क्या चल रहा था।
एक सफर जो अचानक थम गया
अजित पवार जैसे कद्दावर नेता का इस तरह अचानक चले जाना सिर्फ एक राजनीतिक नुकसान नहीं, बल्कि मानवीय स्तर पर भी बहुत बड़ा दर्द है। सुबह तक जो नेता चुनावी रणनीति, भाषण और प्रचार की तैयारी कर रहे थे, कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत की खबर पूरे देश में चल रही थी।
बारामती की मिट्टी से उठकर राज्य की सियासत में बड़ा चेहरा बनने वाले इस नेता का सफर, उसी बारामती की धरती के आसमान में अचानक थम गया। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि तकनीक और व्यवस्था कितनी भी आगे बढ़ जाए, इंसानी जिंदगी कितनी नाजुक होती है।
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