ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमव़ार को गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 में संयुक्त रूप से भाग लेकर एक शानदार शुरुआत की। दोनों नेताओं की यह झलक न केवल एक उत्सव का हिस्सा थी, बल्कि भारत–जर्मनी के मधुर द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक भी मानी जा रही है। इस महोत्सव में पतंग उड़ाने का स्वागत दोनों देशों के रिश्तों में मजबूत कनेक्शन का संदेश देता है।
मर्ज की भारत यात्रा और स्वागत
फ्रेडरिक मर्ज भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे हैं। उनके आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गरिमापूर्ण स्वागत किया, जिसमें पारंपरिक गुजराती स्कार्फ प्रदान किया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया गया। इससे पहले दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम में जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और आश्रम में मर्ज ने अपनी भावनाएं विजिटर्स बुक में दर्ज कीं।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन
साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने साथ मिलकर किया। उन्होंने पतंग उड़ाकर तीन दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसमें कुल 135 अंतरराष्ट्रीय पतंग उड़ाने वाले 50 देशों से, 65 भारत के फ्लायर और 871 स्थानीय प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
दोनों नेताओं को उत्सव में भाग लेते हुए देखा गया, जहां उन्होंने भगवान हनुमान की छवि वाली पतंग भी उड़ाई — यह प्रतीकात्मक रूप से दोस्ती और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान का संदेश दे रही थी।
सांस्कृतिक और कूटनीतिक मेल
महोत्सव को सिर्फ एक मनोरंजक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा है, बल्कि भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक बताया जा रहा है। पतंग महोत्सव के दौरान Modi–Merz दोनों नेताओं ने स्थानीय प्रतिभागियों से बातचीत की और आयोजन की परंपरा तथा त्योहार के महत्व को समझा। यह आयोजन उत्तरायण के आसपास होता है, जो मौसम तथा भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में खास महत्व रखता है।
भीड़ में उपस्थित लोगों ने दोनों नेताओं को तिरंगा और जर्मन झंडे के साथ स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के बीच जारी दोस्ती की भावना साफ झलक रही थी।
द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग की दिशा
पतंग महोत्सव के बाद प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बैठकों के लिए भी जाने वाले हैं। इन बैठकों में दोनों देश व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा सहयोग, शिक्षा और हरित विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करेंगे। रजत जुड़ाव की 25वीं वर्षगांठ और 75 वर्षों से जारी औपचारिक कूटनीतिक संबंधों के बीच यह यात्रा विशेष मायने रखती है।
मर्ज के दौरे का उद्देश्य वैश्विक राजनीतिक चुनौतियों, आर्थिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग पर गहन बातचीत करना है। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद होने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
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