ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
हवाई यात्रा के दौरान बढ़ती अनुशासनहीन घटनाओं को देखते हुए अब सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत फ्लाइट या एयरपोर्ट पर हंगामा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। अगर ये नियम लागू होते हैं तो यात्रियों के लिए अनुशासन तोड़ना काफी महंगा साबित हो सकता है।
DGCA का साफ कहना है कि विमान और एयरपोर्ट प्रदर्शन या विवाद की जगह नहीं हैं। यात्रियों की सुरक्षा और फ्लाइट संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी तरह की बदतमीज़ी या अव्यवस्था को “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत देखा जाएगा। यानी किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।
किन हरकतों को माना जाएगा गंभीर?
ड्राफ्ट नियमों में साफ तौर पर बताया गया है कि किन व्यवहारों को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा जाएगा। फ्लाइट या एयरपोर्ट पर शराब या नशे की हालत में हंगामा करना, धूम्रपान करना, पायलट या केबिन क्रू के निर्देशों की अनदेखी करना, गाली-गलौज या मारपीट करना, इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करना या फ्लाइट के अंदर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन करना गंभीर अपराध माना जाएगा।
ऐसी स्थिति में संबंधित यात्री को तुरंत फ्लाइट से उतारा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस को बुलाकर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
चार स्तरों में तय होगी सजा
DGCA ने अनुशासनहीन व्यवहार को चार अलग-अलग स्तरों में बांटने का प्रस्ताव दिया है।
1. हल्की बदतमीज़ी – जैसे क्रू के निर्देशों की अनदेखी करना या बहस करना।
2. गंभीर दुर्व्यवहार – गाली-गलौज, धमकी देना या डराने की कोशिश।
3. हिंसक व्यवहार – मारपीट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाना।
4. अत्यंत गंभीर अपराध – कॉकपिट में घुसने की कोशिश या जानलेवा हरकत।
इन श्रेणियों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि यात्री के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई की जाए।
नो-फ्लाई लिस्ट में नाम, लंबा बैन संभव
गंभीर मामलों में यात्रियों को कुछ महीनों से लेकर कई साल तक उड़ान भरने से रोका जा सकता है। ऐसे यात्रियों का नाम “नो-फ्लाई लिस्ट” में डाला जाएगा, ताकि वे किसी दूसरी एयरलाइन से टिकट लेकर नियमों से बच न सकें।
कम से कम 30 दिनों के बैन का प्रस्ताव भी सामने आया है। हालांकि यह सूची सार्वजनिक नहीं होगी। इसे केवल एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के बीच साझा किया जाएगा।
सुझावों के बाद होगा अंतिम फैसला
फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट स्टेज में हैं। DGCA ने एयरलाइंस और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सभी सुझावों पर विचार करने के बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा और लागू किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अगर ये नियम लागू होते हैं तो भविष्य में फ्लाइट के अंदर हंगामा करने या क्रू से बदसलूकी करने से पहले यात्रियों को कई बार सोचना पड़ेगा। इससे उम्मीद की जा रही है कि हवाई यात्रा और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!