ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल पर हुए हमले का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस बीच मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। घटना से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर एक कथित गवाह ने अपना पक्ष रखा है और कई अहम दावे किए हैं। गवाह का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें वह स्वयं, उनकी पत्नी, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य दिखाई दे रहे हैं। यह मामला मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र का है, जहां कुछ दिन पहले गार्गी पटेल के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की गई थी। घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
15 साल पुराना परिचय और जमीन विवाद
कथित गवाह के अनुसार, गार्गी पटेल और उनके परिवार के बीच करीब 15 वर्षों से परिचय है। उन्होंने दावा किया कि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा है। गवाह ने बताया कि यह विवाद कड़वट क्षेत्र की भूमि से जुड़ा हुआ है और इस विषय पर पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है।
उनका कहना है कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के लखनऊ स्थित कार्यालय में एक बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें वह भी शामिल हुए थे। इसी दौरान वहां मौजूद सिद्धांत जायसवाल ने उन्हें देख लिया था। बाद में इस संबंध में उनके परिवार को जानकारी दी गई, जिसके बाद परिवार में कई तरह की गलतफहमियां पैदा हो गईं।
पारिवारिक शक बना विवाद की वजह?
गवाह का दावा है कि इस पूरे विवाद की जड़ कोई आर्थिक लेनदेन नहीं बल्कि पारिवारिक शक और गलतफहमी थी। उन्होंने कहा कि परिवार के कुछ लोगों को यह बताया गया था कि गार्गी पटेल को लखनऊ ले जाया गया था। इसी बात को लेकर तनाव बढ़ता गया और बाद में विवाद मारपीट तक पहुंच गया। गवाह के मुताबिक, परिवार के कुछ सदस्यों को इस तरह प्रभावित किया गया कि वे गार्गी पटेल से विवाद करने पहुंच गए। उनका कहना है कि यह पूरा मामला गलतफहमियों का परिणाम है।
1.12 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार
मामले में सामने आए 1 करोड़ 12 लाख रुपये के लेनदेन के आरोपों को भी गवाह ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यदि कोई छोटी राशि का भी लेनदेन होता है तो उसका लिखित दस्तावेज तैयार किया जाता है। ऐसे में इतनी बड़ी रकम के लेनदेन का दावा बिना किसी सबूत के किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस मामले को आर्थिक विवाद से जोड़ना पूरी तरह गलत है और वास्तविक कारण पारिवारिक विवाद और आपसी अविश्वास है।
वायरल वीडियो पर उठाए सवाल
कथित गवाह ने वायरल वीडियो को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर घटना का केवल एक हिस्सा दिखाया गया है, जबकि पूरा वीडियो सामने आने पर सच्चाई अलग नजर आएगी। गवाह के अनुसार, पूरे वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले गार्गी पटेल ने उनके बेटे को चप्पल से मारा था, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। उन्होंने मांग की है कि पूरी वीडियो फुटेज सार्वजनिक की जाए ताकि लोगों के सामने पूरी घटना का सच आ सके।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और अपने-अपने दावे कर रहे हैं। ऐसे में घटना की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय करने का काम जांच एजेंसियों के पास है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध वीडियो, गवाहों के बयान तथा अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकेगी।
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