ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
मिडिल-ईस्ट में चल रहा तनाव अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। इजरायल और अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जवाब में ईरान ने जोरदार पलटवार किया है। ताजा जानकारी के अनुसार, ईरान ने इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने ‘विक्टोरिया बेस’ को ड्रोन हमले से निशाना बनाया। हमले के बाद बेस से काले धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
ड्रोन हमले से विक्टोरिया बेस को भारी नुकसान
ईरान ने मानवरहित ड्रोन (UAVs) के जरिए अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। बगदाद एयरपोर्ट के पास स्थित विक्टोरिया बेस पर दो ड्रोन दागे गए। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ड्रोन सीधे बेस के अंदर गिरा, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ। दूसरा ड्रोन हवा में ही मार गिराया गया। यह हमला अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब तक इस संघर्ष में उसकी ओर से इतनी बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं हुई थी।
बहरीन में भी हमला, आग बुझाने में दमकलकर्मियों को मशक्कत
सिर्फ इराक ही नहीं, बल्कि बहरीन भी इस हमले की चपेट में आया। बहरीन के मनामा में एक समुद्री सुविधा केंद्र पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई। बहरीन के गृह मंत्रालय ने इसे ‘ईरानी आक्रामकता’ करार दिया और बताया कि दमकल विभाग को आग बुझाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। हालांकि, अब स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने खाड़ी देशों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिकी सेना को पहली बड़ी मानवीय क्षति
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि ईरान के जवाबी हमलों में उसके तीन सैनिक मारे गए हैं। यह इस संघर्ष में अमेरिका की ओर से पहली बड़ी मानवीय क्षति मानी जा रही है। दूसरी तरफ, इजरायल के बेत शेमेश में एक प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। मिडिल-ईस्ट में आम नागरिक भी इस युद्ध की चपेट में आ रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप ने युद्ध को बताया सबसे जटिल ऑपरेशन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान को दुनिया का ‘सबसे जटिल ऑपरेशन’ बताया है। उनके मुताबिक, अमेरिकी हमलों में अब तक ईरान के लगभग 48 शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यह युद्ध अभी और चार हफ्तों तक चल सकता है और आगे भी जानी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
बातचीत के लिए तैयार, लेकिन तनाव कम नहीं
हालांकि युद्ध जारी है, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही वह देश को फिर से संबोधित करेंगे और आगे की रणनीति साझा करेंगे। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि मिडिल-ईस्ट में शांति स्थापित करना आसान नहीं होगा।
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है। ड्रोन हमलों, मिसाइलों और सैन्य कार्रवाई के कारण हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इस संकट को खत्म करने की दिशा में काम करे, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके और स्थायी शांति स्थापित हो सके।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!