ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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महाराष्ट्र में पिछले महीने हुए दुखद विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं पूर्व नेता अजित पवार की मौत के बाद अब राजनीतिक और जांच से जुड़े सवालों का दौर शुरू हो गया है। एनसीपी (Sharad Pawar) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने इस हादसे को सिर्फ दुर्घटना न मानते हुए कई गंभीर आशंकाएं और सवाल उठाए हैं। उनके बयानों ने राज्य की राजनीति में नई बहस खड़ी कर दी है और जांच की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।
हादसे को लेकर रोहित पवार का कथन — साजिश की आशंका
रोहित पवार ने कहा है कि अजित पवार का प्लेन क्रैश महज एक दुर्घटना नहीं लग रहा, बल्कि इसमें कुछ संदिग्ध और गंभीर बातें हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला साजिश की ओर इशारा करता है और इसलिए इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोग भी यही सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह हादसा सिर्फ़ दुर्घटना था या कुछ और।
रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें पूरा यकीन चाहिए कि जांच पारदर्शी और निष्पक्ष हो, अन्यथा कम जानकारी के आधार पर कुछ निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते। उन्होंने कहा कि हादसे के कई तकनीकी और क्रू विवरण ऐसे हैं जिनसे संदेह पैदा होता है और उन पर जवाब मिलना जरूरी है।
तकनीकी और जांच से जुड़े उठाए गए सवाल
रोहित पवार ने कई तकनीकी पहलुओं पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि विमान के टेक‑ऑफ और लैंडिंग से पहले क्या स्थिति थी, और क्या हादसे से पहले विमान का ट्रांसपोंडर अचानक बंद कर दिया गया था। उन्होंने यह भी सवाल किया कि पायलट और को‑पायलट की भूमिका पर क्यों संदेह है, और क्या टेक्निकल लॉग, रख‑रखाव रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज जैसी चीजों की सही तरीके से जांच हुई है या नहीं।
उसी समय, रोहित ने यह भी जानकारी दी कि विमान कंपनी VSR को DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) का संरक्षण मिल रहा था, और इसके कारण जांच प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में कोई गड़बड़ी या छेड़छाड़ हो रही है तो वह सब उजागर होना चाहिए।
पायलट चयन और आखिरी फैसलों पर भी उठे सवाल
रोहित पवार ने यह भी कहा कि हादसे वाले विमान के पायलट का चयन अचानक और संदिग्ध तरीके से हुआ था। उन्होंने कहा कि पहले अलग पायलट नियुक्त किए गए थे, लेकिन आखिरी समय में उन्हें बदल दिया गया। उन्होंने यह पूछते हुए सवाल खड़ा किया कि क्या इन बदलावों से हादसे पर असर पड़ा। रोहित ने पायलट के पूर्व रिकॉर्ड और व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं, जिनके बारे में वे जांच चाहते हैं।
पारदर्शी जांच की मांग और व्यापक जांच की पुकार
रोहित पवार ने जोर देकर कहा कि यह मामला सिर्फ़ स्थानीय जांच विभाग (CID) तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों को भी जांच में शामिल करना चाहिए, ताकि सभी पहलुओं का बड़ा और निष्पक्ष विश्लेषण हो सके। उनका कहना है कि आंशिक रिपोर्ट और विश्लेषण से सच्चाई सामने नहीं आएगी, इसलिए जांच में व्यापक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
राजनीतिक व सामाजिक असर
अजित पवार का यह हादसा और उसके बाद रोहित पवार के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ़ साजिश की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ़ कुछ नेताओं और विशेषज्ञों ने कहा है कि अभी तक उपलब्ध सबूत सिर्फ़ साधारण विमान दुर्घटना की ओर संकेत करते हैं और किसी फ़ाउल प्ले के संकेत नहीं मिले हैं। इस पूरे प्रकरण से भेजे गए सन्देश और भविष्य की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है।
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