ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी को लेकर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। इस कार्यक्रम में सलमान के शामिल होने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे सामान्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में भागीदारी बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे विवादित मानते हुए सलमान खान की आलोचना कर रहे हैं।
RSS के शताब्दी कार्यक्रम में सलमान की मौजूदगी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने 100 साल पूरे होने के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम का नाम ‘संघ यात्रा: नए क्षितिज’ रखा गया था। इसकी शुरुआत 7 फरवरी को मुंबई के एक बड़े ऑडिटोरियम में हुई। इस कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई नामचीन लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें सलमान खान भी शामिल थे।
सलमान की उपस्थिति को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई और सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
सोशल मीडिया पर बढ़ी आलोचना
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सलमान खान को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें ऐसे संगठन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था जिसे लेकर देश में राजनीतिक मतभेद हैं।
कुछ यूजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि सलमान खान सरकार और आरएसएस के दबाव में कार्यक्रम में पहुंचे। वहीं कुछ लोगों ने यह तक कह दिया कि ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने वाला व्यक्ति उनका ‘हीरो’ नहीं हो सकता।
अबू आजमी का बयान
समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सलमान खान एक अभिनेता हैं और उन्हें देश में सम्मान के साथ रहना है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता पक्ष की ओर से कोई दबाव होता है तो सलमान खान जैसे कलाकारों के लिए उसे मना करना आसान नहीं होता।
अबू आजमी ने यह भी संकेत दिया कि संभव है सलमान खान सरकारी दबाव में कार्यक्रम में शामिल हुए हों।
बीजेपी नेता नितीश राणे का पलटवार
इस विवाद में बीजेपी नेता नितीश राणे भी कूद पड़े। उन्होंने सलमान खान का समर्थन करते हुए कहा कि सलमान खान उद्धव ठाकरे से भी बड़े हिंदू हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस की सोशल मीडिया अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर वह सेलिब्रिटीज़ को निशाना नहीं बनातीं, लेकिन जब कोई सेलिब्रिटी ऐसी संस्था की तारीफ करता है जिस पर समाज को बांटने के आरोप लगते रहे हैं, तब सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई गंभीर सामाजिक मुद्दों जैसे मॉब लिंचिंग, महिलाओं के खिलाफ अपराध और नफरत फैलाने वाली घटनाओं पर सेलिब्रिटीज़ अक्सर चुप रहते हैं, जिस पर चर्चा होनी चाहिए।
विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक गर्माहट
सलमान खान के इस कार्यक्रम में शामिल होने से राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। एक ओर उनके समर्थन में बयान दिए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर उनकी आलोचना भी हो रही है। फिलहाल सलमान खान की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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