कल्याण‑डोंबिवली में मनसे का बड़ा फैसला: शिंदे शिवसेना को समर्थन, राज ठाकरे नाराज
कल्याण‑डोंबिवली नगर निगम में मनसे के पांच पार्षदों ने शिवसेना (शिंदे गुट) को समर्थन दिया है। यह कदम महाराष्ट्र के सियासी समीकरण बदल सकता है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे गुट की प्रतिक्रिया तथा विकास‑केंद्रित राजनीति पर विश्लेषण पढ़ें।
 कल्याण‑डोंबिवली में मनसे का बड़ा फैसला: शिंदे शिवसेना को समर्थन, राज ठाकरे नाराज
  • Category: राजनीति

कल्याणडोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में एक राजनीतिक घटना ने अचानक महाराष्ट्र की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पांच पार्षदों ने शिवसेना (शिंदे गुट) को खुलकर समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। यह समर्थन खासकर विकास और शहर की बेहतर सुविधाओं के लिये लिया गया निर्णय बताया जा रहा है, लेकिन इसी के कारण मनसे प्रमुख राज ठाकरे नाराज हो गए हैं। इससे पार्टी के भीतर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जो अब पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बन चुका है

कल्याणडोंबिवली में कौन सा राजनीतिक परिदृश्य है?

कल्याणडोंबिवली में नगर निगम के चुनाव परिणाम के बाद सत्ता की कहानी कुछ इस तरह बनी:

  1. शिंदे शिवसेना के पास 53 पार्षद हैं

  2. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 50

  3. ठाकरे (उद्धव गुट) शिवसेना के पास 11

  4. मनसे के पास 5

  5. कांग्रेस 2 और

  6. राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के पास 1 पार्षद है

इस समीकरण में मनसे के समर्थन से शिंदे गुट तथा उनके साथी दलों को कुल ताकत बढ़कर 58 पार्षदों तक पहुंच गई है, जिससे महापौर पद के लिए स्थिति और स्पष्ट होती दिख रही है।

मनसे का समर्थन: विकास और जनता की सेवा को बताया कारण

मनसे के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह समर्थन केवल सत्ता हासिल करने के लिए नहीं दिया गया, बल्कि कल्याणडोंबिवली के विकास और फंड मिलने में आसानी के लिये है। मनसे के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजू पाटिल ने बताया कि शक्ति के भीतर शामिल रहकर ही वे शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता की भलाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

राजू पाटिल ने स्पष्ट किया कि शहर भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, जिससे कई योजनाओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। इसलिए उन्होंने माना कि सत्ता के समीकरण में शामिल होकर ही निगम को पर्याप्त निधि दिलाई जा सकती है।

इस कदम को मनसे ने स्थिरता और विकासकेंद्रित राजनीति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है, जिससे निगम में प्रशासनिक निर्णय बेहतर तरीके से लिए जा सकते हैं।

राज ठाकरे की नाराजगी और प्रतिक्रिया

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस फैसले पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा है कि स्थानीय पार्षदों का यह निर्णय उन्हें परेशान करता है और इस तरह से पार्टी के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। हालांकि राज ठाकरे ने सीधे तौर पर अपने शब्दों में पार्टी से बगावत का आरोप नहीं लगाया, लेकिन संकेत दे दिया कि पार्टी लाइन के खिलाफ फैसले लेने वालों के खिलाफ कदम उठाया जाएगा 

कुछ सियासी विश्लेषकों का मानना है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच गठबंधन पहले एकजुटता की मिसाल माना जा रहा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर हुए इस फैसले ने ठाकरे परिवार के समीकरणों में दरार होने की बात भी उजागर कर दी है।

शिंदे शिवसेना का दलित आंकड़ा और गठबंधन

शिंदे गुट की शिवसेना ने नगर निगम में सत्ता बनाने के लिए मनसे के समर्थन को एक रणनीतिक कदम बताया है। श्रीकांत शिंदे समेत शिंदे गुट के नेताओं ने कहा है कि यह समर्थन नगर में स्थिरता लाने और विकास कार्यों को जारी रखने के लिये अहम है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ मिलकर भी यह गठबंधन नगर के विकास के लिए बेहतर निर्णय ले सकता है।

शिंदे गुट की शिवसेना ने स्पष्ट किया कि मनसे द्वारा दिया गया समर्थन केवल पार्टियों के बीच गठबंधन का संकेत नहीं है, बल्कि नगर के हित में लिया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर सब मिलकर काम करेंगे, तो निगम में प्रशासन सुचारू रूप से चल सकेगा और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकती हैं।

उद्धव ठाकरे गुट की प्रतिक्रिया

उद्धव ठाकरे गुट ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसेगद्दारीबताया है। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राऊत ने कहा कि जो लोग महाराष्ट्र और बाला साहेब ठाकरे के विचारों के खिलाफ हैं, उन्हें राजनीति में जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने मनसे के इस कदम को गहरी चिंता बताई है और कहा है कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक अशांति का संकेत है।

संजय राऊत ने कहा कि मनसे के इस कदम से ठाकरे परिवार के बीच पहले से जारी दूरी और भी गहरी हो सकती है और इससे आगामी चुनावों में भी अलग तरह की राजनीतिक लड़ाइयां देखने को मिल सकती हैं।

क्या यह निर्णय भाजपा के लिये चुनौती है?

राजकीय समीकरणों के हिसाब से, भाजपा को भी इस गठबंधन से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा ने नगर निगम में 50 सीटें जीती थीं और परंपरागत रूप से इसका साथ शिंदे गुट को भी मिला हुआ था। लेकिन मनसे के पाँच पार्षदों के समर्थन से शिंदे गुट का समीकरण मजबूत हुआ है, जिससे भाजपा की स्थिति थोड़ी कमजोर दिख रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मनसे के पाँच पार्षद शिंदे गुट के साथ रहें और ठाकरे गुट अलगथलग पड़ा रहे, तो भाजपा को निगम में अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

इसका असर महाराष्ट्र राजनीति पर

इस घटना से महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ स्पष्ट संकेत मिले हैं — पहला, छोटे दल भी बड़े निर्णयों में भूमिका निभा सकते हैं, और दूसरा, गठबंधन हमेशा स्थिर नहीं रहता। भविष् में विधानसभा चुनावों और नगर निकायों के परिणामों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। 

राज ठाकरे की मनसे का यह समर्थन शिंदेभाजपा महायुति के भीतर संतुलन बदलने वाला है, जिससे उद्धव ठाकरे के शिवसेना (UBT) गुट को नुकसान हो सकता है।

 

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic
Link copied to clipboard!

Warning: file_put_contents(youtube_cache.json): Failed to open stream: Permission denied in /var/www/html/pages/video.php on line 67

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 15h ago
CM Bhagwant Mann का Dope Test? दिल्ली की पब्लिक ने तोते उड़ा दिए! Punjab | AAP |BJP
YouTube Video
Newsest | 3d ago
'खेला होबे' या BJP की हवा? पश्चिम बंगाल पर दिल्ली वालों ने कह दी बड़ी बात! #westbengalelection2026
YouTube Video
Newsest | 3d ago
4 मई, दीदी गई?" Mamata Banerjee पर Delhi Public का Brutal Reaction! Bengal Election 2026
YouTube Video
Newsest | 9d ago
Kharge vs Modi: बयान, सफाई और फिर तेज हुई BJP-Congress जुबानी जंग #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 9d ago
BJP MLA Pritam Lodhi Controversy | बेटे की थार, 5 लोग घायल, पुलिस पर दबाव? #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 12d ago
Namaz Reel से Dress Code Leak तक: Shark Tank जजेज़ पर क्यों भड़का गुस्सा?
YouTube Video
Newsest | 12d ago
चुनाव से ठीक पहले कोलकाता में बवाल: Hussain Park पर BJP–TMC आमने–सामने
YouTube Video
Newsest | 12d ago
क्या कोर्ट आस्था” को फिर से परिभाषित करेगा? Sabarimala Reference Explained
YouTube Video
Newsest | 13d ago
Indian Army का ‘सिंदूर’संदेश: आतंक के ख़िलाफ़ नई डॉक्ट्रिन? Operation Sindoor | Pahalgam Attack
YouTube Video
Newsest | 13d ago
Delhi Excise Case: Justice Sharma ने क्यों ठुकराई Kejriwal की Recusal Plea?
YouTube Video
Newsest | 17d ago
Denis Alipov on BRICS 2026: भारत-रूस की दोस्ती और अमेरिका की टेंशन!
YouTube Video
Newsest | 21d ago
नोएडा क्यों जल रहा है? UP vs Haryana Wage War | Noida Protest LIVE Updates
YouTube Video
Newsest | 25d ago
Trump–Iran डील से समझिए Ceasefire: क्या होता है, कब कामयाब होता है, कब टूट जाता है?
YouTube Video
Newsest | 27d ago
क्या ईरान की रिकवरी में लगेगी एक पूरी पीढ़ी? Iraq मॉडल vs 2026 Iran War।Explainer
YouTube Video
Newsest | 39d ago
PNG Connection कैसे लें? | ₹500 फ्री गैस और 3 महीने का डेडलाइन! #newsesthindi #hindinews