ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
देश की राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रही है। तापमान लगातार 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। इस तेज गर्मी के बीच अब आग लगने की घटनाओं में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालत यह है कि राजधानी में लगभग हर 10 मिनट में कहीं न कहीं आग लगने की सूचना मिल रही है। कहीं एसी में ब्लास्ट हो रहा है, कहीं शॉर्ट सर्किट से आग भड़क रही है, तो कहीं कबाड़ और सूखी घास बड़ी आग का कारण बन रही है। गाड़ियां, गोदाम, मकान, दुकानें और फैक्ट्रियां लगातार आग की चपेट में आ रही हैं।
पिछले तीन दिनों में बढ़ीं आग की घटनाएं
फायर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में आग लगने की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हुआ है। 18 मई को फायर कंट्रोल रूम को कुल 186 कॉल मिलीं, जिनमें 140 कॉल आग लगने की घटनाओं से जुड़ी थीं। वहीं 17 मई को कुल 173 कॉल आईं, जिनमें 133 आग की घटनाओं से संबंधित थीं। फायर अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी और लापरवाही दोनों मिलकर हादसों को बढ़ा रहे हैं।
क्यों बढ़ रही हैं आग की घटनाएं?
फायर एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी के कारण पेड़-पौधे, घास और सूखी पत्तियां बेहद ज्वलनशील हो जाती हैं। ऐसे में एक छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आग में बदल जाती है। इसके अलावा कई लोग पार्कों या खाली जगहों पर बीड़ी-सिगरेट पीकर जला हुआ हिस्सा फेंक देते हैं, जिससे सूखी घास तुरंत आग पकड़ लेती है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार कई घंटों तक एसी चलाने और बेहद कम तापमान पर इस्तेमाल करने से भी आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
न्यू अशोक नगर थाने में लगी भीषण आग
मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाने के मालखाने में भीषण आग लग गई। दोपहर करीब 1:06 बजे फायर कंट्रोल रूम को सूचना मिली, जिसके बाद कई फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग इतनी भयानक थी कि पुलिस और दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग में भारी नुकसान हुआ। जानकारी के मुताबिक 58 कारें, 40 बाइक, 4 ऑटो, 3 टेंपो, 5 ई-रिक्शा, एक तेल टैंकर और 20 पैडल रिक्शा जलकर खाक हो गए।
पुलिस और लोगों की समझदारी से टला बड़ा हादसा
थाने के आसपास पुलिस सोसायटी और दो पेट्रोल पंप मौजूद थे। अगर आग वहां तक पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर स्थिति को संभाला। कुछ लोगों ने ट्रैफिक कंट्रोल किया, जबकि पुलिसकर्मी लगातार पानी डालकर आग को पेट्रोल पंप और सोसायटी की ओर बढ़ने से रोकते रहे। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की सतर्कता और तेजी से कार्रवाई के कारण बड़ा नुकसान टल गया।
रोहिणी के जंगल में 10 घंटे तक जलती रही आग
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-11 के जंगल क्षेत्र में भी सोमवार रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फायर विभाग को इसे बुझाने में करीब 10 घंटे लग गए। करीब 40 फायर कर्मियों की टीम पूरी रात आग बुझाने में जुटी रही। सुबह 6 बजे के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि आग आसपास की कॉलोनियों तक नहीं पहुंची।
कबाड़ गोदाम में लगी आग
साउथ ईस्ट दिल्ली के Kalindi Kunj इलाके में भी मंगलवार को कबाड़ के एक बड़े गोदाम में आग लग गई। बताया जा रहा है कि कंप्रेसर फटने के बाद आग भड़की और देखते ही देखते पूरे गोदाम में फैल गई। गोदाम में रखा लाखों रुपये का स्क्रैप जलकर खाक हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया।
आग से बचने के लिए क्या करें?
फायर एक्सपर्ट्स लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे-छोटे कदम बड़े हादसों को रोक सकते हैं।
जरूरी सावधानियां:
• एसी को लगातार कई घंटों तक न चलाएं
• घर और ऑफिस में अच्छी क्वालिटी की MCB लगाएं
• गैस सिलेंडर इस्तेमाल के बाद रेगुलेटर बंद करें
• छत पर जाने का रास्ता हमेशा खुला रखें
• सीढ़ियों में कबाड़ जमा न करें
• घर और ऑफिस में फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें
• सूखी घास या कबाड़ के पास बीड़ी-सिगरेट न फेंकें
गर्मी में सतर्कता बेहद जरूरी
दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी और आग की घटनाएं चिंता का बड़ा कारण बन चुकी हैं। फायर विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और समय रहते उठाए गए कदम कई बड़े हादसों को टाल सकते हैं
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!