नेतन्याहू और ट्रंप ने गाजा में सीजफायर पर किया समझौता
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में सीजफायर पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने इस शांति पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह पूरे पश्चिम एशियाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
नेतन्याहू और ट्रंप ने गाजा में सीजफायर पर किया समझौता
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इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार, 29 सितंबर को गाजा में सीजफायर के लिए सहमति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वॉशिंगटन डीसी में हुई बैठक के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी। ट्रंप ने 20 पॉइंट का विस्तृत प्लान पेश किया, जिसमें गाजा में युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और अस्थायी प्रशासन की स्थापना शामिल है।

ट्रंप का प्लान

ट्रम्प ने बताया कि योजना का उद्देश्य गाजा में तुरंत युद्ध रोकना और स्थायी शांति स्थापित करना है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

तुरंत युद्धविरामअगर इजराइल और हमास सहमत होंगे तो युद्ध तुरंत रुक जाएगा।

इजराइल की सेनाओं की वापसीइजराइल धीरे-धीरे अपनी सेना गाजा से वापस लेगा।

बंधकों की रिहाईहमास 72 घंटे में सभी इजराइली बंधकों को रिहा करेगा।

कैदियों का आदान-प्रदानयुद्ध खत्म होने पर इजराइल 250 उम्रकैदियों समेत अन्य 1,700 कैदियों को रिहा करेगा।

गाजा को आतंक मुक्त बनानासभी हथियार और हमास के ठिकाने हटाए जाएंगे।

अंतरिम प्रशासन गाजा में अस्थायी तकनीकी समिति बनाई जाएगी।

शांति बोर्ड इस बोर्ड की अध्यक्षता ट्रंप करेंगे और इसमें टोनी ब्लेयर समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल होंगे।

पुनर्निर्माण और मानव सहायतागाजा के विकास, रोजगार और मानवीय सहायता के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी।

सुरक्षा और पुलिस प्रशिक्षणगाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।

सीमा सुरक्षा और हवाई हमले रोकनाइजराइल और मिस्र की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और युद्ध के दौरान हवाई हमले रोके जाएंगे।

हमास और फिलिस्तीनी सरकार की प्रतिक्रिया

हमास ने अभी हथियार डालने से इनकार किया और कहा कि उन्हें ट्रंप का औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला। वहीं, फिलिस्तीनी सरकार ने ट्रंप के शांति प्लान का स्वागत किया। साथ ही मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और UAE जैसे आठ इस्लामिक देशों ने भी संयुक्त बयान जारी कर योजना का समर्थन किया।

नेतन्याहू ने कतर से माफी मांगी

बैठक के दौरान नेतन्याहू ने 9 सितंबर को दोहा में हुए हमास नेता पर हमले के लिए कतर से माफी मांगी। इस हमले में छह लोग मारे गए थे, जिनमें एक कतर का अधिकारी भी शामिल था। नेतन्याहू ने कतर की संप्रभुता का उल्लंघन और नागरिक की मौत पर खेद जताया।

ट्रंप के लिए कतर की अहमियत

ट्रम्प के लिए कतर चार कारणों से महत्वपूर्ण है:

आर्थिक सौदामई 2025 में 243.5 बिलियन डॉलर का व्यापारिक समझौता।

मिलिट्री बेसकतर का अल उदीद एयर बेस मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य आधार है।

शांति वार्ता में भूमिकाकतर मध्यस्थता करता है।

व्यक्तिगत उपहारट्रंप को कतर से 400 मिलियन डॉलर का बोइंग 747-8 विमान उपहार में मिला।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और इजराइल की स्थिति

गाजा युद्ध में अब तक 66 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। इसके चलते ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने फिलिस्तीनी को देश की मान्यता दी है और इजराइल पर सीजफायर के लिए दबाव बढ़ाया। वहीं, इजराइल के कई राजनीतिक दलों ने चेतावनी दी है कि हमास का पूरी तरह खात्मा नहीं होने तक वे सीजफायर का समर्थन नहीं करेंगे।

पीएम मोदी का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि यह योजना केवल फिलिस्तीनी और इजराइली लोगों बल्कि पूरे पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति और सुरक्षा का रास्ता खोलती है। मोदी ने उम्मीद जताई कि सभी देश इस पहल का समर्थन करेंगे और संघर्ष को समाप्त करने में सहयोग करेंगे।

यह समझौता गाजा में स्थायी शांति लाने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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