ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गाजियाबाद में एटीएम में कैश भरने वाली वैन से 27 लाख रुपये की लूट का मामला अब धीरे-धीरे खुलता जा रहा है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से 8.6 लाख रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल की गई बलेनो कार, एक तमंचा और कुल्हाड़ी बरामद की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बदमाशों ने इस लूट की पूरी प्लानिंग यूट्यूब वीडियो देखकर की थी।
यूट्यूब से सीखी लूट की तकनीक
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब वीडियो देखकर कैश वैन लूटने का तरीका सीखा था। इसके बाद करीब 6 महीने तक कैश वैन की रेकी की गई। आरोपी कई बार लूट की कोशिश कर चुके थे, लेकिन उन्हें सही मौका नहीं मिल पाया। आखिरकार 6 मई को उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
कैसे हुई 27 लाख की लूट?
घटना क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में स्थित एक ATM बूथ के पास हुई। दोपहर करीब 1 बजे इंडिया वन कंपनी के चार कर्मचारी कैश वैन लेकर ATM में पैसे डालने पहुंचे थे। गार्ड और दो कर्मचारी कैश लेकर ATM के अंदर चले गए, जबकि ड्राइवर तेजभान वैन में अकेला बैठा था। इसी दौरान बदमाशों ने हमला कर दिया। उन्होंने ड्राइवर पर तमंचा तान दिया और विरोध करने पर हवा में फायरिंग भी की। इसके बाद बदमाश कैश वैन लेकर फरार हो गए।
CCTV और DVR तोड़कर मिटाए सबूत
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने वैन में रखी कुल्हाड़ी से CCTV कैमरे और DVR तोड़ दिए ताकि उनकी पहचान न हो सके। इसके बाद वे करीब 8 किलोमीटर दूर मसूरी इलाके में कैश वैन छोड़कर फरार हो गए। टूटे हुए DVR और अन्य सामान को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर फेंक दिया गया था।
शुरुआत में कर्मचारियों पर हुआ शक
वारदात के बाद पुलिस को शुरुआत में कैश वैन के ड्राइवर और कर्मचारियों पर शक हुआ। वजह यह थी कि पूछताछ के दौरान कर्मचारियों के बयान अलग-अलग थे। साथ ही, घटना के समय वैन की खिड़की खुली होने और सुरक्षा नियमों का पालन न होने पर भी सवाल उठे। हालांकि, बाद में CCTV फुटेज और जांच में साफ हो गया कि वारदात बाहरी बदमाशों ने अंजाम दी थी।
मास्टरमाइंड अभी फरार
डीसीपी धवल जायसवाल के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड जुबैर है, जो अभी फरार है। उसी ने पूरे गैंग को प्लान समझाया था। पुलिस के अनुसार, इस लूट में कुल 6 लोग शामिल थे। फिलहाल चार आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान के रूप में हुई है। कैफ प्रताप विहार का रहने वाला है और फर्नीचर का काम करता है। वहीं रिजवान लॉ की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस ने बताया कि रिजवान ने लूटा हुआ पैसा अपने घर में छिपाकर रखा था। कैफ पर पहले से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस ने बढ़ाई धाराएं
पुलिस ने इस मामले में अब डकैती की गंभीर धाराएं भी जोड़ दी हैं। वेव सिटी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किस तरह अपराध को बढ़ावा दे सकता है।
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