ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
आजकल युवाओं में फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर सिक्स पैक एब्स और मस्कुलर बॉडी दिखाने की होड़ में कई लोग शॉर्टकट अपनाने लगते हैं। लेकिन गाजियाबाद से सामने आया एक मामला यह बताता है कि यह शॉर्टकट कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। इंदिरापुरम में एक युवक ने जिम ट्रेनर के कहने पर स्टेरॉयड इंजेक्शन लगवाए और अब उसकी हालत ऐसी हो गई है कि चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया है।
बॉडी बनाने का लालच और स्टेरॉयड का जाल
इंदिरापुरम के न्याय खंड-3 मकनपुर गांव निवासी कमल कांत त्यागी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने अक्टूबर 2023 में नीति खंड-1 स्थित एएसआर फिटनेस जिम जॉइन किया था। शुरुआत में वह सामान्य एक्सरसाइज और योग के लिए जिम जाते थे। कमल कांत के मुताबिक, जिम संचालक गुलजार खान ने उन्हें कम समय में मस्कुलर बॉडी और एब्स बनाने का लालच दिया। उसने दावा किया कि उसके पास ऐसे पाउडर, दवाइयां और स्टेरॉयड इंजेक्शन हैं, जिनका शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। युवक ने ट्रेनर की बातों पर भरोसा कर लिया और यहीं से उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती शुरू हो गई।
डेढ़ महीने में लगाए गए 33 इंजेक्शन
पीड़ित के अनुसार, जिम संचालक हर हफ्ते चार दिन उनके कूल्हे पर इंजेक्शन लगाता था। आरोप है कि इंजेक्शन लगाने से पहले दवा का रैपर फाड़कर फेंक दिया जाता था ताकि दवा की असली जानकारी सामने न आ सके। करीब डेढ़ महीने में युवक को कुल 33 इंजेक्शन लगाए गए। इसके बदले उससे लगभग 80 हजार रुपये वसूले गए। शुरुआत में बॉडी में बदलाव दिखाई देने लगे, जिससे उसे लगा कि ट्रेनर सही कह रहा है। लेकिन कुछ ही महीनों बाद शरीर में गंभीर समस्याएं शुरू हो गईं।
अचानक शुरू हुआ दर्द, जांच में सामने आया बड़ा सच
कमल कांत ने बताया कि मई 2024 में उनके पैर में तेज दर्द शुरू हुआ। दर्द इतना बढ़ गया कि उन्हें इलाज के लिए फिजियोथेरेपी सेंटर जाना पड़ा। वहां डॉक्टरों ने देखा कि उनके घुटने टेढ़े होने लगे हैं। इसके बाद एमआरआई और दूसरी जांचें कराई गईं। डॉक्टरों ने जब उनकी मेडिकल हिस्ट्री पूछी तो स्टेरॉयड इंजेक्शन का मामला सामने आया। रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों ने बताया कि बार-बार लगाए गए स्टेरॉयड इंजेक्शन की वजह से उनका दाहिना कूल्हा गंभीर रूप से खराब हो चुका है और बीमारी चौथे स्टेज तक पहुंच गई है। अब युवक को चलने-फिरने में भी दिक्कत हो रही है।
ट्रेनर पर गंभीर आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने स्टेरॉयड लेने से मना किया तो ट्रेनर ने खुद को दुबई से सर्टिफाइड बताया और भरोसा दिलाया कि वह खुद भी इन इंजेक्शनों का इस्तेमाल करता है। उसने यह भी दावा किया कि जिम में कई लोग ऐसे इंजेक्शन लेते हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं होता। इसी भरोसे में आकर युवक ने स्टेरॉयड लेना जारी रखा। अब पीड़ित ने जिम संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
फिटनेस एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी
फिटनेस विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल युवाओं में जल्दी रिजल्ट पाने की होड़ बढ़ गई है। इसी कारण कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड और इंजेक्शन का इस्तेमाल करने लगते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल शरीर के हार्मोन सिस्टम, हड्डियों, लीवर और दिल पर गंभीर असर डाल सकता है। कई मामलों में यह स्थायी नुकसान भी पहुंचा सकता है।
जिम कल्चर पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर अनियमित जिम कल्चर पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई जिमों में बिना मेडिकल सुपरविजन के सप्लीमेंट और स्टेरॉयड दिए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस के नाम पर चल रहे इस अनियंत्रित कारोबार पर सख्ती जरूरी है। डॉक्टरों की सलाह है कि बॉडी बनाने के लिए हमेशा प्राकृतिक तरीके अपनाने चाहिए। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और धैर्य ही सुरक्षित फिटनेस का असली रास्ता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!