ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ डील को लेकर कुछ समय पहले तक तनाव की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन अब दोनों देशों के रिश्तों में सुधार देखने को मिल रहा है। कई दौर की बातचीत और मतभेदों के बाद दोनों देशों ने ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। इस समझौते को दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और व्यापार के लिए अहम माना जा रहा है।
टैरिफ विवाद से बढ़ा था तनाव
कुछ महीनों पहले भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर विवाद काफी बढ़ गया था। हालात ऐसे बन गए थे कि दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट तक आ गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस मुद्दे पर साफ और सख्त बातचीत की थी।
बताया जाता है कि डोभाल ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत किसी भी तरह की धमकी या दबाव में आने वाला देश नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर टैरिफ विवाद पर कोई सहमति नहीं बनती है, तो भारत ट्रंप सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को भी तैयार रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी इच्छा जताई थी कि दोनों देश व्यापार समझौते के लिए बातचीत जारी रखें।
सितंबर में हुई थी अहम बैठक
डोभाल और रुबियो के बीच यह अहम बैठक सितंबर की शुरुआत में हुई थी। यह बैठक उस समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी बातचीत की थी। उस दौर में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापारिक रणनीतियों को लेकर कई अहम फैसले लिए जा रहे थे।
अब सामने आई नई ट्रेड डील
कई महीनों की बातचीत और मतभेदों के बाद अब अमेरिका और भारत के बीच नई ट्रेड डील का ऐलान किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका भारत के लिए टैरिफ कम करेगा और व्यापार के नए अवसर खोले जाएंगे।
भारत की तरफ से भी टैरिफ कटौती की बात को स्वीकार किया गया है। हालांकि, इस समझौते में रूस से तेल खरीदने या अमेरिकी उत्पादों पर पूरी तरह से जीरो टैरिफ लागू करने जैसी बातों का साफ तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है।
पीएम मोदी ने बताई डील की अहमियत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र मिलकर काम करते हैं, तो इससे दोनों देशों के नागरिकों को फायदा होता है और व्यापार के नए अवसर खुलते हैं। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस सहयोग को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और अमेरिका के साथ मजबूत आर्थिक संबंधों पर जोर दिया।
सरकार ने बताया विन-विन समझौता
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस ट्रेड डील को दोनों देशों के लिए फायदेमंद करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
व्यापारिक रिश्तों को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील से भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और वैश्विक बाजार में दोनों की स्थिति मजबूत हो सकती है।
कुल मिलाकर, टैरिफ विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब सहयोग और साझेदारी में बदलता नजर आ रहा है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।
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