ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। राजधानी Delhi समेत कई राज्यों में नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई संकट के बीच हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब इसका असर सिर्फ वाहन चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और महंगाई पर भी देखने को मिलेगा।
कितनी बढ़ीं कीमतें?
नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। इससे कार, बाइक और कमर्शियल वाहनों का खर्च सीधे बढ़ गया है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई पर बढ़ते दबाव की वजह से यह फैसला लेना पड़ा।
आम आदमी पर सीधा असर
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सबसे पहले आम लोगों की जेब पर पड़ता है। रोज ऑफिस जाने वाले लोग, टैक्सी ड्राइवर, ऑटो चालक और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबारियों का खर्च बढ़ जाएगा। इसके अलावा बस किराया, माल ढुलाई और जरूरी सामानों की कीमतों में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यानी आने वाले दिनों में सब्जी, दूध, राशन और दूसरे सामान भी महंगे हो सकते हैं।
CNG भी हुई महंगी
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और कैब सेवाओं का किराया बढ़ने की संभावना है। जो लोग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से बचने के लिए सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे, उन्हें भी अब अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
वैश्विक संकट का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक राजनीतिक हालात का असर सीधे भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
ईंधन की कीमतें बढ़ने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया। सोशल मीडिया पर भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है।
सरकार की अपील- ईंधन बचाएं
इस बीच सरकार और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ईंधन बचत और रिन्यूएबल एनर्जी पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी होगा।
क्या आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर सिर्फ वाहन खर्च तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों पर भी दिखाई देगा। ऐसे में लोग अब ईंधन बचत और वैकल्पिक साधनों की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं।
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