ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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देश की कैब सेवा इंडस्ट्री में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के लंबे समय से दबदबे के बीच भारत सरकार ने एक नया और अलग मॉडल पेश किया है। 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। फिलहाल इस सेवा की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर से की गई है और आने वाले समय में इसे देश के कई बड़े शहरों तक पहुंचाने की योजना है। इस नई सेवा का उद्देश्य ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को फायदा पहुंचाना है।
क्या है भारत टैक्सी और क्यों है खास?
भारत टैक्सी एक सहकारी (Co-operative) मॉडल पर आधारित कैब सेवा है। इसका मतलब यह है कि इसमें ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार भी बनेंगे। अब तक ओला और उबर जैसे प्लेटफॉर्म्स में ड्राइवरों को भारी कमीशन देना पड़ता था, जिससे उनकी कमाई कम हो जाती थी।
लेकिन भारत टैक्सी में ऐसा नहीं होगा। इस सेवा में ड्राइवरों से किसी भी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें बेहतर काम का माहौल मिलेगा।
ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल से बदल सकता है पूरा सिस्टम
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल है। इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाला हर ड्राइवर सहकारी संस्था का सदस्य बनेगा। प्रत्येक ड्राइवर को संस्था के पांच शेयर दिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि ड्राइवर सिर्फ काम करने वाला नहीं रहेगा, बल्कि संगठन का साझेदार भी होगा। इससे ड्राइवरों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें भविष्य में आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी रहेगी।
ड्राइवरों को इस सेवा से जुड़ने के लिए केवल एक न्यूनतम सदस्यता शुल्क देना होगा। खास बात यह है कि इस शुल्क को रोजाना, साप्ताहिक या मासिक आधार पर जमा करने की सुविधा भी दी गई है। इससे छोटे और नए ड्राइवरों के लिए इस प्लेटफॉर्म से जुड़ना आसान हो जाएगा।
यात्रियों को मिलेगा सस्ता और पारदर्शी किराया
भारत टैक्सी का दावा है कि इसका किराया बाजार में चल रही दरों से लगभग 30 प्रतिशत तक कम होगा। मौजूदा कैब सेवाओं में अक्सर सर्ज प्राइसिंग लागू होती है, जिसमें बारिश, ट्रैफिक या पीक ऑवर्स के दौरान किराया अचानक बढ़ जाता है।
लेकिन भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी। यात्रियों को पहले से तय किराया दिखाई देगा, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी या भ्रम का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा खासतौर पर रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
यात्रियों और ड्राइवरों के लिए कई सुविधाएं
भारत टैक्सी ऐप में यात्रियों को बाइक, ऑटो और कार जैसी अलग-अलग सवारी विकल्प मिलेंगे। इससे यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। वहीं ड्राइवरों को भी कई सुरक्षा सुविधाएं दी जा रही हैं। इस योजना के तहत ड्राइवरों को 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। यह सुविधा ड्राइवरों और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
लॉन्च से पहले ही बढ़ा लोगों का भरोसा
भारत टैक्सी सेवा लॉन्च होने से पहले ही काफी चर्चा में रही। जानकारी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म से लॉन्च से पहले ही 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़ चुके हैं। इसके अलावा 1 लाख से ज्यादा यूजर्स भी इस सेवा का हिस्सा बन चुके हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि लोगों में इस नए मॉडल को लेकर उत्साह और भरोसा दोनों बढ़ रहा है। खासकर ड्राइवर समुदाय इसे अपने लिए बेहतर अवसर के रूप में देख रहा है।
किन शहरों में शुरू होगी सेवा?
फिलहाल भारत टैक्सी सेवा दिल्ली-एनसीआर में शुरू की गई है। सरकार की योजना है कि इसे जल्द ही मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी शुरू किया जाए। अगर यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में इसे देश के अन्य शहरों और राज्यों तक भी विस्तार दिया जा सकता है। इससे देशभर में कैब सेवा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
ओला और उबर को मिलेगी कड़ी चुनौती
भारत टैक्सी के लॉन्च को कैब सेवा इंडस्ट्री में बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। अब तक बाजार में निजी कंपनियों का दबदबा रहा है, लेकिन भारत टैक्सी का सहकारी मॉडल ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को आकर्षित कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सेवा सफल होती है तो कैब सेवा का पूरा बिजनेस मॉडल बदल सकता है। इससे निजी कंपनियों को भी अपनी नीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि भारत टैक्सी का मकसद सिर्फ एक नई सेवा शुरू करना नहीं है, बल्कि ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और यात्रियों को सस्ती व भरोसेमंद सेवा देना है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
भविष्य में क्या असर पड़ेगा?
भारत टैक्सी का मॉडल सफल होने पर यह कैब सेवा इंडस्ट्री में एक नई क्रांति ला सकता है। इससे ड्राइवरों की आय बढ़ सकती है और यात्रियों को सस्ता व सुरक्षित सफर मिल सकता है।
इसके अलावा, सहकारी मॉडल से काम करने वाली यह सेवा देश में अन्य क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत टैक्सी बाजार में कितनी मजबूत पकड़ बना पाती है।
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